आजमगढ़:पीड़ित पिता ने पुत्री के ससुराल वालों पर गम्भीर आरोप एसपी से न्याय की गुहार
Azamgarh victim's father has filed serious allegations against his daughter's in-laws

आजमगढ़: पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित पिता अशोक सहानी उर्फ डब्लू पुत्र स्वा० बालकिशुन साहनी मोहल्ला गुलामी का पुरा थाना कोतवाली ने अपने पुत्री के ससुराल वालों पर गम्भीर आरोप लगाते हुए बताया कि दि० 30.अप्रैल.2018 को हमने अपनी पुत्री शिवानी साहनी का विवाह मनीष साहनी पुत्र रामनज्जर साहनी ग्राम नरहरपुर, थाना-बड़हलगंज, जिला-गोरखपुर के साथ हिन्दू रीति रिवाज के साथ किया था। विवाह के समय अपनी पुत्री शिवानी साहनी को लिए उपहार स्वरुप टीवी, फ्रिज, बेड, सिंगार का समान तीन मंगल शुत्र तीन कान का झाला, दो नाक का किल, एक मांगटीका, दो पायल, एक छागल, एक करधन, यह सब सामान दिया था। लेकिन विवाह के समय से ही उसके ससुर रामनज्जर साहनी, पति मनीष साहनी, देवर महावीर साहनी मुझसे दो लाख रुपया और एक मोटर साइकिल की माँग करने लगें मैने असमर्थता जताते हुए कहा अभी मेरे पास इतना पैसा और मोटर साइकिल की व्यवस्था नही हो पा रही है। बाद में कोशिश करूँगा और नात रिश्तेदार की विनती पर किसी तरह वह लोग शिवानी को बिदा कराकर उसके ससुराल ले गये, शिवानी के ससुराल जाने के बाद उसके ससुर रामनज्जर साहनी पति मनीष साहनी, देवर महावीर साहनी सास मंगरी देवी, ननद सविता साहनी एवं प्रिती साहनी मेरी पुत्री शिवानी साहनी को शारीरिक एवं मानसिक रुप से प्रताडित करने लगे, शिवानी से कहते थे कि जब तक तुम दो लाख रुपया और मोटर साइकिल लाकर नहीं दोगी, तुमकों इस घर में रहने दिया जायेगा। शिवानी जब भी अपने ससुराल से अपने मायके आती थी तो वह आप बीती उक्त सारी बात बताती थी, मै उसको समझाबुझकर उसके ससुराल भेज देता था। 25.मई 2025 को उसके ससुराल वाले मेरी पुत्री को बहुत मारे-पीटे जिसके बाद मेरी पुत्री फोन से बतायी कि मेरे ससुराल वाले मुझे बहुत बुरी तरह से मारे पीटे है, जिससे उसकी हालत गम्भीर हो गयी, जिससे उसे काफी अन्दरूनी चोटे आयी। जब उसकी हालत काफी खराब हो गयी तो उसके ससुराल वाले आनन-फानन में हास्पिटल लेकर गये। जबकि उसकी मृत्यु लगभग 9:00 बजे रात्रि को घर पर ही हो गयी थी। पुलिस द्वारा आनन-फानन में मामुली धाराओं में मु0नं0-337/27.02025 धारा-85, 108, 3 व 4 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कराकर खानापूर्ति कर दिया गया है, जबकि मामला गम्भीर है हम मांग करते है कि उक्त प्रकरण को संज्ञान में लेते हेतु मुकदमा में गम्भीर धाराओं को बढ़ाकर मुकदमा की विवेचना कर दोषी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की मांग जाए ताकि पीड़ित के पुत्री को न्याय मिल सके



