Azamgarh news:उमड़ते बादलों के बीच जला रावण, रानी की सराय का ऐतिहासिक मेला धूमधाम से संपन्न

रिपोर्ट:चन्दन शर्मा
आजमगढ़ :रानी की सराय का ऐतिहासिक मेला शनिवार को संपन्न हो गया। उमड़ते बादलों और हल्की बूंदाबांदी के बावजूद, रावण दहन का कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।शनिवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और पानी की बूंदें गिर रही थीं, जिससे लोगों में संशय बना हुआ था। हालांकि, दोपहर बाद मौसम साफ हो गया और बारिश रुक गई। इसके बाद रानी की सराय में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पूर्वांचल में यह मेला अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, जिसका लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है।रामलीला कमेटी की ओर से राम, लक्ष्मण और सीता की झांकी निकाली गई। यह झांकी रायपुर से शुरू होकर पूरे कस्बे का भ्रमण करते हुए रामलीला मैदान पहुंची। वहां राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान जी की आरती की गई।इसके बाद शोभा यात्रा रानी की सराय स्थित एक महाविद्यालय पर पहुंची, जहां लक्ष्मण-मेघनाद और राम-रावण के युद्ध का मंचन किया गया। मंचन के उपरांत रावण का पुतला दहन किया गया। रावण दहन होते ही ‘श्री राम’ नाम का जयघोष शुरू हो गया।मेले के लिए लगभग एक दर्जन पूजा कमेटियों ने पंडाल स्थापित किए थे। इनमें आजाद दल, नवयुवक शंकर दल, नव युवक मंगल दल, भारतीय युवक संघ, दुर्गा पूजा कमेटी, शक्ति दल, प्रभात तरुण दल और सम्राट स्पोर्टिंग क्लब, मां अंबे दल शामिल थे। इन सभी समितियों ने अपनी तैयारियां पूरी की थीं और पंडालों में लाइट की विशेष सजावट की गई थी।यह मेला दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है। पुलिस प्रशासन द्वारा कस्बे में बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया था, जिसके लिए दोनों छोरों पर बैरिकेडिंग की गई थी ताकि मेले के दिन सुचारु व्यवस्था बनी रहे।

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