Azamgarh news:गोवंश संरक्षण में मिसाल बने आज़मगढ़ के डीएम रविंद्र कुमार

The District Magistrate conducted the monthly meeting of the District Level Monitoring, Evaluation and Review Committee.

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सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, आजमगढ़।
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जिलाधिकारी ने किया जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की मासिक बैठक

*गो आश्रय स्थलों में बीमार/अशक्त गोवंश एवं बच्चों को अलग रखा जाए- जिलाधिकारी*

*गोवंश को ठंड से बचाव हेतु तिरपाल एवं बोरे आदि से कवर किया जाए- जिलाधिकारी*

*ठण्ड के मौसम में किसी भी स्थिति में रात्रि के समय गोवंश खुले स्थान पर न रहे- जिलाधिकारी*

*किसानों से वार्ता कर गो आश्रय स्थलों हेतु अधिक से अधिक पराली की व्यवस्था करायें- जिलाधिकारी*

आजमगढ़ 20 नवम्बर– जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कल सायं कलेक्ट्रेट सभागार मंे जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गयी।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गो आश्रय स्थलों में बीमार/अशक्त गोवंश एवं बच्चों को अलग रखा जाए। उन्होने कहा कि गौशाला में गौपालक 24 घण्टे उपस्थित हों, एवं पशुओं की निगरानी करते रहें। उन्होने कहा कि लापरवाही द्वारा गोवंश के चोटिल/घायल होने पर संबंधित के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शरद ऋतु (ठंड) के दृष्टिगत समस्त गोआश्रय स्थलों में गोवंश को ठंड से बचाव हेतु ससमय तिरपाल एवं बोरे आदि से कवर किया जाए। उन्होने कहा कि आश्रय स्थलों की समुचित साफ-सफाई करायी जाए। इसके साथ ही गो आश्रय स्थलों में पानी, गोबर, गोमूत्र आदि की निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होने कहा कि गोवंश को ठंड से बचाव हेतु गोवंश के बैठने के स्थान पर पराली/गन्ने की सूखी पत्ती, बगास आदि का प्रयोग किया जाए तथा समय समय पर बदला जाए। उन्होने कहा कि निराश्रित गोवंश को ठण्ड से बचाने हेतु भूसे के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक हरा चारा एवं संतुलित पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्थिति में रात्रि के समय गोवंश खुले स्थान पर न रहे और दिन में गोवंश को पर्याप्त धूप में रखा जाए, आवश्यतानुसार अलाव की भी व्यवस्था की जाए। उन्होने सहभागिता योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने एवं अधिक से अधिक किसानों को गोवंश सुपुर्द करने के निर्देश दिये।पराली संग्रहण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों से वार्ता कर गो आश्रय स्थलों हेतु अधिक से अधिक पराली की ससमय व्यवस्था सुनिश्चित करें।इसके साथ ही जिलाधिकारी ने एस०एफ०सी० पूलिगं आदि की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया कि जनपद के समस्त गो आश्रय स्थलों में कुल 6514 गोवंश संरक्षित किये गये हैं तथा जनपद आजमगढ़ में संचालित समस्त 92 गोआश्रय स्थलों में सीसी टीवी कैमरा लगा हुआ है।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, मुख्य राजस्व अधिकारी  संजीव ओझा, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी  मुकेश गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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