Jabalpur news:जबलपुर में अधिवक्ताओं ने हाई कोर्ट चौराहे पर बनाई मानव श्रृंखला, लंबित मांगों पर नाराजगी जताई
मध्य प्रदेश सरकार पर नाराज, अधिवक्ता संघ ने हाई कोर्ट चौराहे पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया

जबलपुर जिलाअधिवक्ता संघ ने हाई कोर्ट चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लंबित मांगों पर कार्यवाही न किए जाने पर अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता गण हाई कोर्ट चौराहे पर पहुंचे और एक दूसरे का हाथ थामते हुए मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने कहा कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद सरकार द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान न दिए जाने से अधिवक्ताओं में गहरा रोष है और वे अब गांधीवादी तरीके से क्रमिक आंदोलन शुरू करने को विवश हैं।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने बताया कि कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर जिला दण्डा धिकारी एवं शासन स्तर पर बार-बार याद दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। संघ के माध्यम से जिला दण्डाधिकारी को ज्ञापन
भी सौंपा गया, जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में अधिवक्ताओं के लिए निर्माणाधीन
नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में
ऑडिटोरियम का कार्य लंबे समय से
अटका हुआ है। उच्च न्यायालय कमेटी द्वारा
इसका स्टीमेट स्वीकृत होने के बावजूद
शासन ने आज तक राशि जारी नहीं की,
जिसके कारण निर्माण अधूरा पड़ा है। इसके
अलावा उच्च न्यायालय अधिवक्ताओं की
बैठक हेतु प्रस्तावित बिल्डिंग का
शिलान्यास हुए पाँच महीने बीत चुके हैं,
लेकिन कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ,
जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पत्रकारों की तरह अधिवक्ताओं के लिए
स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना
लागू करने की मांग लंबे समय से लंबित
है। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ताओं को पेंशन
योजना शुरू करने की मांग भी कई बार
रखी जा चुकी है, लेकिन शासन ने आज
तक कोई पहल नहीं की है। इसी प्रकार,
अधिवक्ताओं पर लगातार बढ़ रहे हमलों
को देखते हुए अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट
लागू करने का आश्वासन भी वर्षों से अधूरा
पड़ा है, जबकि कई राज्यों में यह एक्ट
पहले से लागू है। संघ ने चेतावनी दी है
कि यदि समय रहते इन मांगों का समाधान
नहीं किया गया, तो अधिवक्ता समुदाय
अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए
बाध्य होगा। हाई कोर्ट चौराहे पर आयोजित
यह शांतिपूर्ण मानव श्रृंखला प्रदर्शन
अधिवक्ताओं की नाराजगी और उपेक्षा के
खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट



