Azamgarh News: परीक्षा केंद्र निर्धारण में गड़बड़ी पर सख्त रुख, डीआईओएस के खिलाफ शासन को भेजा गया प्रस्ताव, डीएम खुद कर रहे जांच

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़ जनपद में माध्यमिक शिक्षा परिषद की आगामी बोर्ड परीक्षा को लेकर परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस पूरे प्रकरण के बीच जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) उपेंद्र कुमार ने गंभीर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए चार सप्ताह का चिकित्सकीय अवकाश ले लिया है। अवकाश प्रार्थना पत्र में चिकित्सक द्वारा पूर्ण बेडरेस्ट की सलाह का उल्लेख किया गया है। उधर, परीक्षा केंद्र निर्धारण में नियमों की अनदेखी और अनियमितता के आरोपों को लेकर डीआईओएस के खिलाफ लगभग 400 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इऐ शिकायतों को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने डीआईओएस के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा है। पत्र में पूर्व में कराई गई जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के साथ-साथ वर्तमान में प्राप्त शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है।
जानकारी के अनुसार माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिले में 30 नवंबर को 230 परीक्षा केंद्रों की प्रारंभिक सूची जारी की गई थी। इस सूची के जारी होते ही आपत्तियों का सिलसिला शुरहीं हो गया। निर्धारित समय-सीमा तक कुल 418 आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनमें 384 ऑनलाइन और 34 ऑफलाइन दर्ज की गईं। प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और जनप्रतिनिधियों ने परीक्षा केंद्र चयन में व्यापक गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
जिलाधिकारी कार्यालय के अनुसार प्राप्त आपत्तियों को निस्तारण के लिए डीआईओएस कार्यालय को अग्रसारित किया गया था। नियमानुसार संशोधित सूची 17 दिसंबर को परिषद की वेबसाइट पर अपलोड की जानी है, जबकि पूरी प्रक्रिया के बाद 30 दिसंबर को अंतिम सूची जारी होनी है। हालांकि अभी तक अधिकांश आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो सका है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इससे पहले भी परीक्षा केंद्र निर्धारण में अनियमितताओं की शिकायतों पर संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा जांच कराई गई थी, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई थी, लेकिन उस समय ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी। बार-बार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने स्वयं निगरानी करते हुए प्रशासनिक टीमों को परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि बोर्ड परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।



