Azamgarh news:प्रदेश सरकार माध्यमिक शिक्षा को बढ़ावा देते हुए विद्यालयों मंे मूलभूत सुविधाओं का कर रही है विकास
The state government is promoting secondary education and developing basic facilities in schools.

आजमगढ़: 16 दिसम्बर:माध्यमिक शिक्षा का उद्देश्य गुणवत्तापरक शिक्षा, संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक कौशल, मनोदैहिक क्षेत्र की विभिन्न दक्षताओं को अर्जित करने के साथ उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास हेतु तैयार करना एवं दक्षता संवर्द्धन, रचनात्मकता और मौलिकता की वृद्धि करना है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 29216 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। माध्यमिक शिक्षा आर्थिक विकास तथा सामाजिक न्याय की स्थापना को सुविधाजनक बनाती है।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देते हुए तकनीकी एवं रोजगार परक शिक्षा पर बल दिया है। सरकार ने माध्यमिक शिक्षा के लिए अधिक से अधिक इण्टर कालेज का निर्माण कराया है। सरकार ने नवीन विद्यालयों की स्थापना एवं अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया है। प्रदेश में 41 नए इंटर कॉलेज, 215 राजकीय हाई स्कूल का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है तथा 60 नए इंटर कॉलेजों की स्वीकृति दी है। प्रदेश में 280 नए राजकीय इंटर कॉलेज/हाई स्कूल का संचालन करते हुए शिक्षा प्रदान की जा रही है। पूर्वांचल के प्रथम एवं प्रदेश के दूसरे सैनिक स्कूल जनपद गोरखपुर की स्थापना एवं संचालन किया जा रहा है।प्रोजेक्ट अलंकार- प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश के 480 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय कक्ष, 272 प्रयोगशाला, 1116 मल्टीपरपज हाल, 577 शौचालय, 1006 पेयजल, 464 अतिरिक्त कक्षा-कक्ष तथा 1167 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में चहारदीवारी एवं 184 विद्यालयों में विद्युतीकरण की सुविधाओं से संतृप्त किया गया है। माध्यमिक शिक्षा में प्र्रोजेक्ट अलंकार हेतु प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022-23 में रू0 98.31 करोड़, वर्ष 2023-24 में रू0 422.00 करोड़, वर्ष 2024-25 में रू0 508.58 करोड़ व्यय एवं वर्ष 2025-26 में रू0 479.49 करोड़ के प्राविधान के सापेक्ष रू0 52.14 करोड़ आवंटित किया है।*सहयोगी अनुदान-* वर्ष 2023-24 में कुल 152 विद्यालयों को रू0 69.30 करोड़ की स्वीकृति के सापेक्ष रू0 25.53 करोड़ आवंटित, वर्ष 2024-25 में कुल 316 विद्यालयों को रू0 141.74 करोड़ की स्वीकृति के सापेक्ष रू0 57.55 करोड़ एवं वर्ष 2025-26 में कुल 86 विद्यालयों को रू0 2.97 करोड़ की स्वीकृति के सापेक्ष रू0 1.98 करोड़ आवंटित किया गया है।प्रदेश में राजकीय इण्टर कालेजों (बालक/बालिका) में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इण्डोर मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 23 राजकीय इण्टर कालेजों में खेल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु रू0 49.68 करोड़ की धनराशि स्वीकृत तथा मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 12 जून, 2025 को शिलान्यास किया गया है। वर्ष 2025-26 में रू0 50 करोड़ का प्रावधान किया गया। विद्यार्थियों में तकनीकि एवं व्यवहारिक ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश में स्वीकृत 778 आई0सी0टी0 लैब स्थापित करते हुए क्रियाशील किया गया है। 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित किये जाने की कार्यवाही गतिमान है। वर्ष 2023-24 में भारत सरकार द्वारा समग्र शिक्षा (मा०) के अन्तर्गत 101 विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करते हुए क्रियाशील किया गया है।पी०एम० विद्यालय योजना-राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा प्रणाली के नवीन आयामों के साथ-साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक एवं समावेशी शिक्षा की उपलब्धता हेतु विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं को विकसित करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा वित्त पोषित पी०एम० श्री विद्यालय योजना के अन्तर्गत वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 145 राजकीय माध्यमिक विद्यालय पी०एम० श्री विद्यालय के रूप में चयनित किये गये है। सरकार द्वारा मिशन रोजगार के अन्तर्गत योग्य शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए साक्षात्कार समाप्त कर लिखित परीक्षा के आधार पर चयन किया गया है। प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा करते हुए विगत 08 वर्षों में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 6808 सहायक अध्यापक, 1939 प्रवक्ता एवं 219 प्रधानाचार्यों सहित कुल 8966 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र/पदस्थापन आदेश प्रदान किये गये है।



