Deoria news, कविवर मोती बीए की पुण्यतिथि समारोह मनाई गई

कविवर मोती बीए की पुण्यतिथि समारोह पूर्वक मनाई गई।
देवरिया।
बरहज नंदना वार्ड पश्चिम निवासी मोती बीए की पुण्यतिथि नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा आयोजित कविवर मोती बी ए की पुण्यतिथि समारोह में मुख्य अतिथि भूषण त्यागी ने अपने गीत गहन काली रात है, पर तुम नहीं हो एवं है स्वयं शिकायत लिखा क्यों नहीं ज़िन्दगी के लिए, से मोती जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मोती जी का परिचय कराते हुए सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इन्द्र कुमार दीक्षित ने कहा कि मोती जी जैसा व्यक्तित्व सदियों में पैदा होता है। उनकी ख्याति सार्वभौमिक रही है। आगे उपाध्यक्ष डॉ दिवाकर प्रसाद तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि मोती बी ए जी का देवरिया से पहला सम्पर्क उन्नीस सौ सत्तर में हुआ जब वे जिला पंचायत सभागार में अपनी लाचारी शीर्षक कविता सुनायी। उसके बाद वे देवरिया बराबर आते रहे। वे बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे। अपने स्वाभिमान के कारण ही फिल्म सीटी छोड़ दी। आगे डॉ चतुरानन ओझा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मोती बी ए जी का साहित्यिक फलक बहुत विशाल है। भोजपुरी, खड़ी हिन्दी, फारसी, अंग्रेजी सभी भाषाओं में उनकी गति थी। वे एक सफल अनुवादक भी रहे। हिन्दी के श्रेष्ठ आलोचक नामवर सिंह अपने आत्मकथ्य में लिखते हैं मोती बी ए जी मेरे साहित्यिक प्रेरणा रहे हैं। इसके बाद रामविलास पाण्डेय ने अपने वक्तव्य में कहा मोती बी ए जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भोजपुरी को आठवी अनुसूची में शामिल करा कर ही होगी।
मोती बी ए जी के पुत्र सम्पदा न्यूज के संचालक अंजनी कुमार उपाध्याय ने अपने पिता की स्मृतियों को साझा करते हुए इस आयोजन के लिए सभा के प्रति धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में छेदी प्रसाद गुप्त विवश, अरविन्द त्रिपाठी, रमेश सिंह दीपक, दयाशंकर कुशवाहा, रामेश्वर यादव, रमेश तिवारी अन्जान, सन्तोष विश्वकर्मा, सरोज कुमार पाण्डेय, पार्वती देवी गौरा, वन्दना मिश्रा, क्षमा श्रीवास्तव, रंजीता श्रीवास्तव, माहिर विचित्र, रत्नेश मिश्र रतन, प्रेमानंद तिवारी, नीरजा सिंह, प्रार्थना राय, अचल पुलस्तेय, नित्यानंद आनन्द, प्रेम शंकर त्रिपाठी, रविनंदन सैनी, अंजलि अरोड़ा खुशबू, आदि कवियों ने कविता के माध्यम से मोती बी ए जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
सभा के मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आप लोगों का सान्निध्य पाकर मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता हूं। मेरी दिली इच्छा है कि इसी तरह आप लोगों के साथ रहकर साहित्य चर्चा में निरन्तर संलग्न रहूं । कार्यक्रम के संयोजक डॉ संजय कानोडिया ने सबके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सभा में आकर मैं अपने को भाग्यशाली महसूस करता हूं।
इसके पूर्व मां सरस्वती के प्रतिमा के समय दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। रामेश्वर तिवारी राजन ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत सौदागर सिंह ने किया। अध्यक्षता सभा के अध्यक्ष डॉ जयनाथ मणि त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम का सरस एवं भावपूर्ण संचालन रविकांत मणि त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर भृगुदेव मिश्र, गोपाल कृष्ण सिंह रामू, संदीप कुमार द्विवेदी, कौशल किशोर मणि, सोमनाथ मिश्र, प्रेमानंद तिवारी, सुनील त्रिपाठी, सुबास राय पूर्व सभासद, ऋषिकेश मिश्र, डॉ शकुंतला दीक्षित, दुर्गा पाण्डेय, रजनीश मोहन गोरे, श्वेतांक मणि, डॉ सौरभ श्रीवास्तव, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, हरिकेश यादव, मनोज शर्मा, उमाशंकर पाठक , राकेश श्रीवास्तव,मो.जीशान आदि गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री जयनाथ मणि त्रिपाठी, पंडित भूषण त्यागी, श्री संजय कनोडिया, इंद्र कुमार दीक्षित, श्री रविकांत मणि त्रिपाठी, डॉ अनिल कुमार पांडेय, राकेश श्रीवास्तव, जीशान, अंजनी कुमार उपाध्याय सहित कई गणमान्य व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। अंत में राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गयी

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