Deoria news, क्रांतिकारी कवि उपन्यासकार और निबंधकार थे पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, गिरधर करूण

क्रांतिकारी कवि ,उपन्यासकार और निबन्धकार थे पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला – गिरिधर करुण

कवि निराला जी के जयंती पर हुआ गोष्ठी का आयोजन

सलेमपुर,देवरिया। छायावाद के चार प्रमुख स्तम्भों में से एक पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती पर नगर के ईचौना पश्चिमी वार्ड में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया।गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार व कवि गिरधर करुण ने कहा कि बंगाल के मेदिनीपुर में बसंत पंचमी के दिन जन्में निराला जी क्रांतिकारी कवि व उपन्यासकार थे,अपनी रचनाओं में उन्होंने प्रकृति, राष्ट्रवाद और सामाजिक विद्रोही चेतना को प्रमुखता दी। सेंट जेवियर्स स्कूल के प्रधानाचार्य वीके शुक्ल ने कहा कि निराला के रचनाओँ में सरोज स्मृति जैसी मार्मिक रचनाओं के कारण और उनके अनूठे व्यक्तित्व के चलते उन्हें महाप्राण भी कहा गया है। उन्होंने परम्परागत छंदों की बेड़ियों को तोड़कर मुक्त छंद का सूत्रपात किया। कांग्रेस नेता डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि इनके लेखन में सामाजिक अन्याय, शोषक वर्ग के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद किया। अपने सिद्धांतों के साथ कभी भी समझौता नहीं किया। पूर्व प्रधानाचार्य व कवि नरसिंह तिवारी ने कहा कि निराला के लिए राष्ट्र हित सर्वोपरि था,जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, और महादेवी वर्मा के साथ छायावाद के चार प्रमुख स्तम्भों में एक थे। डॉ चतुरानन ओझा ने कहा किअनामिका,परिमल,गीतिका, कुकुरमुत्ता उनकी प्रमुख काव्य संग्रह हैं जो आज भी समाज को सही दिशा देने का काम कर रहे हैं। गोष्ठी को पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुधाकर गुप्त,कवि संजय मिश्र,आचार्य अजय शुक्ल,राकेश सिंह, गोपाल जी यादव, मनोज पांडेय, सैयद अकील अहमद,सत्यम पांडेय आदि ने सम्बोधित किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button