Azamgarh news:निजामाबाद थाना या अपराधियों की शरणस्थली? उठ रहे गंभीर सवाल
Azamgarh:थाना या ठिकाना? निजामाबाद में अपराधियों की बेखौफ आवाजाही

आजमगढ़।निजामाबाद थाना बदमाशों,दलालों,माफियाओं का अड्डा बन गया है।जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो गरीब बेचारे कहां जाएंगे।निजामाबाद थाने की यह दशा हो गई है कि थाना बेलगाम हो गया है गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही है। थाने की यह दशा हो गई है कि पैसा लाओ निर्माण कार्य कार्यों,कोई किसी को मार कर आ जाओ पैसा दो घर जाओ या कोई हल्की धारा लगवाओ।यहां के थाना प्रभारी हीरेंद्र प्रताप सिंह के कुछ खास एस आई,कुछ खास कांस्टेबल,कुछ खास मुंशी द्वारा पैसों का लेन देन होता है। निजामाबाद थाने पर करीब करीब रोज ही कोई न कोई लड़कियों का मामला आता रहता है कोई भागी बरामद होती है तो किसी को छेड़ता है मगर थाना प्रभारी द्वारा पहले अपने खास लोगों द्वारा पैसा की बात की जाती है और फिर मामला रफा दफा हो जाता है।गरीब लोगों की सुनवाई कौन कहे जबरदस्ती सुलह समझौता करवा दिया जाता है।किसी भी मामले के लिए निजामाबाद थाने में जाईए तो अगर पैसा हो तो जाइए वरना कोई सुनवाई नहीं होती है।पत्रकार समाज का आईना होता है।चौथा स्तंभ होता है।अभी दो दिन पहले की घटना है निजामाबाद के वरिष्ठ पत्रकार का लड़का संविदा पर बिजली विभाग में कार्य करता है।ऊपर से बिजली अधिकारियों का दवाब है कि जिसकी बिजली बकाया ज्यादा है वह अपनी बिल जमा करे वरना उसका कनेक्शन काट दिया जाएगा।इस समय अभियान चल रहा है उसी अभियान में मोइया मकदूम का निवासी अनिल सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह के यहां घर का बकाया 75000 रुपया है और मुर्गी फार्म का 45000 बकाया है उसे बकाया जमा करने के लिए विद्युत कर्मी बहुत दिनों से कह रहे थे मगर वह अपना बकाया जमा नहीं कर रहा था बुधवार को शाम को उसकी बिजली कनेक्शन बिजली विभाग के जे ई और एस डी ओ के आदेश पर काट दिया गया।मगर अनिल सिंह द्वारा गुंडा गर्दी करते हुए पत्रकार के दुकान पर चढ़कर पत्रकार के लड़के को गाली दे रहा था और मोबाइल छीन रहा था।इस घटना का वीडियो मोबाइल में कैद है।घटना की लिखित सूचना जे ई और एस डी ओ द्वारा निजामाबाद थाना प्रभारी को दी गई मगर थाना प्रभारी हीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा पैसा लेकर उसकी नई केवल जोड़वा दी गई।यह पैसा लेने में इतने अंधे हो गए हैं कि यह नहीं समझ रहे है कि यह राजस्व की कितनी क्षति कर रहे हैं।इसी तरह कुछ दिन पहले की ही बात है आशीष सोनकर पुत्र मिठाई लाल सोनकर सा0 मु0 तेलीपुर थाना निजामाबाद का निवासी रोजी रोटी के लिए एक ऑटो रिक्शा लेकर परिवार का भरण पोषण करता था।जिसे संदीप सोनकर पुत्र सेतू सोनकर सा0डोडव पुर के द्वारा रिजर्व कराकर अपने बहनोई को पहुंचाने गया था वापस लौटते समय आसनी स्कूल के पास संदीप सोनकर जो एक आपराधिक व्यक्ति है जो कि जेल से कई सालों के बाद छूट कर आया था आशीष सोनकर से ऑटो छीनने लगा।इसी छीना झपटी में संदीप सोनकर ने ऑटो चला रहे आशीष के ऊपर ऑटो पलट दिया जिसमें आशीष बुरी तरह घायल हो गया आसनी ग्राम सभा के लोगों द्वारा किसी तरह उसे निकाला गया फिर उसे आजमगढ़ किसी प्राइवेट अस्पताल भेजा गया।ग्रामवासियों ने बताया कि संदीप ने ही आटो पलट कर भाग गया।मगर निजामाबाद थाना प्रभारी हीरेंद्र प्रताप सिंह आपराधिक व्यक्ति संदीप से मोटी रकम लेकर आशीष सोनकर का मुकदमा ही नहीं लिखे।आशीष सोनकर की माता चिंता देवी एस पी साहब के पास भी गई मगर थाना प्रभारी मोटी रकम लेकर उसपर रिपोर्ट लगा दिए कि शराब के नशे में गाड़ी पलट दिया।मगर गांव वाले बताए कि गाड़ी को संदीप सोनकर ने ही पलट कर भाग गया ।सरकार की छवि और नए ईमानदार पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के छवि को धूमिल कर रहे हैं निजामाबाद्थाना प्रभारी हीरेंद्र प्रताप सिंह अपने कार्य शैली से पूरे थाने को बदनाम कर दिए हैं थाना प्रभारी चोरी तो रुक ही नहीं रही है अभी बिशुनपुर ग्राम सभा के एक पत्रकार अभिषेक पांडेय का दूसरी बार मोटर चोरी हो गया है चोरों माफियाओं को तो कोई भय ही नहीं है क्योंकि वह जानते हैं कि अगर पकड़े जाएंगे तो पैसा देकर छूट जाएगा।



