Deoria news, भक्ति ज्ञान और वैराग्य के प्रसंग की महिमा सुन हर्षित हुए श्रद्धालु

भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के प्रसंगों की महिमा सुन, हर्षित हुए श्रद्धालु।
देवरिया।
जिला के सलेमपुर क्षेत्र में ग्राम सभा टैरिया में श्रीमद्भागवत महापुराण के दूसरे दिन कथावाचक आचार्य पंडित मोहन जी मिश्र ने शुकदेव जी के अद्भुत जन्म (12 वर्ष तक माँ के गर्भ में रहना) का प्रसंग सुनाते हैं, जिससे कथा में ज्ञान की धारा प्रवाहित होती है।
राजा परीक्षित द्वारा ऋषि शमीक के गले में मृत सर्प डालने और फिर श्रृंगी ऋषि द्वारा उन्हें 7 दिन में तक्षक नाग के काटने का श्राप मिलने की कथा सुनाई जाती है, जो वैराग्य का कारण बनती है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के प्रसंगों के माध्यम से भागवत की महिमा बताई जाती है कि कैसे यह कलयुग में पापों का नाश कर मोक्ष प्रदान करती है।
भगवान के 24 अवतारों की कथा के माध्यम से ज्ञान और भक्ति का समन्वय समझाया जाता है।
5 वर्षीय बालक ध्रुव की अटूट श्रद्धा और तपस्या की कथा सुनाई जाती है, जो दृढ़ निश्चय की प्रेरणा देती है।
जय श्री राधे – जय श्री श्याम’ के जयकारों के साथ भक्तगण कथा का आनंद लेते हैं।
यज्ञाचार्य पंडित देवेंद्र मिश्र ने कहा कि मुख्य संदेश यह है कि ईश्वर को सच्चे मन से याद करने पर हर परिस्थिति में उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन का कल्याण होता है।

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