आजमगढ़: बेटों व बहू पर उत्पीड़न का आरोप

Azamgarh: Sons and daughter-in-law accused of harassment

आजमगढ़ जनपद से एक भावनात्मक और गंभीर मामला सामने आया है। कंधरापुर थाना क्षेत्र के मौजा हरखूपुर निवासी सूरज राम पुत्र स्वर्गीय परदेशी राम ने जिलाधिकारी महोदय को प्रार्थना पत्र देकर अपने ही बेटों और बड़ी बहू पर लगातार मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।प्रार्थी सूरज राम का कहना है कि उनके परिवार के सदस्य उन्हें आए दिन गाली-गलौज करते हैं और मारपीट भी करते रहे हैं।आरोप है कि उन्हें खाना-पानी तक नहीं दिया जाता, जिससे मजबूर होकर वे ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं।उन्होंने बताया कि अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी कुछ जमीन पूरे होशो-हवास में, बिना किसी दबाव के और सम्पूर्ण प्रतिफल प्राप्त करके बेची है।सूरज राम के अनुसार, उनके बेटे पप्पू कुमार और सतीश कुमार तथा बड़ी बहू, गांव के प्रधान के पुत्र शिव यादव (पुत्र रूपचंद यादव) के साथ मिलकर गांव की पुरानी प्रधानी चुनाव की रंजिश के चलते उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।आरोप है कि इन्हीं लोगों ने उन्हें बहला-फुसलाकर उनके ही परिचित ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की।प्रार्थी ने यह भी बताया कि उनके बेटों द्वारा उनके अपहरण की झूठी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी,जबकि वे स्वयं थाने में उपस्थित होकर स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका कोई अपहरण नहीं हुआ है और वे अपनी इच्छा से ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ और उनके परिचितों के खिलाफ थाने या अन्य अधिकारियों के यहां दी जा रही सभी शिकायतें पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत हैं।सूरज राम ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने गांव के किसी भी व्यक्ति से कोई रंजिश या विवाद नहीं है। वे स्वस्थ हैं और जहां चाहें वहां मजदूरी कर अपना जीवन यापन करना चाहते हैं, लेकिन उनके बेटे उन्हें काम करने से भी रोकते हैं और लगातार परेशान करते हैं।पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनके बेटों पप्पू कुमार, सतीश कुमार और बड़ी बहू को निर्देशित किया जाए कि वे उनके खिलाफ किसी भी अधिकारी के यहां झूठी शिकायत न करें और उन्हें परेशान न करें। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी जमीन की बिक्री पूरी तरह स्वेच्छा से, खुशी-खुशी और बिना किसी दबाव के की गई है, जिसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस प्रकरण में क्या संज्ञान लेता है और पीड़ित बुजुर्ग को न्याय व सुरक्षा कैसे उपलब्ध कराई जाती है।

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