आजमगढ़ में आशा-आशा संगिनी कर्मियों के बकाया मानदेय को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
A memorandum was submitted to the District Magistrate in Azamgarh regarding the pending honorarium of Asha and Asha Sangini workers.

आजमगढ़।ऑल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति की ओर से मंगलवार को जिलाधिकारी आजमगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर वित्तीय वर्ष 2024–25 के बकाया मानदेय एवं विभिन्न योजनाओं के लंबित भुगतान को शीघ्र कराने की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सरकार द्वारा भेजे गए कमिटेड बजट के बावजूद जनपद में आशा, आशा संगिनी एवं अन्य कर्मचारियों का पूर्ण भुगतान नहीं किया जा रहा है, बल्कि बजट का उपयोग अन्य मदों में किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है।
भुगतान न होने पर आंदोलनात्मक कदम उठाने की दी चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष मनीषा यादव एवं जिलाध्यक्ष संध्या सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि टीबीआई, पीबीआई, जननी सुरक्षा योजना, नसबंदी, आभा कार्ड, एचबीवाईसी तथा रूटीन मानदेय जैसे कई मदों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। जबकि शासन स्तर पर स्पष्ट निर्देश हैं कि कर्मचारियों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखते हुए बताया गया कि कमिटेड बजट के अंतर्गत सभी आशा एवं आशा संगिनी कर्मियों का पूर्ण भुगतान किया जाए, आंशिक नहीं।एचबीवाईसी प्रशिक्षण के लिए प्रति आशा 850 रुपये की जो राशि आई थी, उसका तत्काल भुगतान कराया जाए।जनपद की सभी सीएचसी व पीएचसी पर वर्ष 2024–25 के नसबंदी व जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान शीघ्र किए जाएं,कुछ केंद्रों पर आशा/संगिनी का रेगुलर एक्टिविटी मानदेय अब तक नहीं दिया गया है, जिसे तुरंत जारी किया जाए और कम भुगतान के आधार पर किसी का मानदेय न रोका जाए।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पवई सहित अन्य स्थानों पर वर्ष 2024–25 के कई मदों का भुगतान बकाया है, जिनके लिए बजट ही नहीं भेजा गया,उसे मंगाकर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर में 176 आशाओं का 17 माह का टीबीआई भुगतान (लगभग 29.92 लाख रुपये) बकाया बताया गया है। साथ ही जून व नवंबर माह के रेगुलर एक्टिविटी मानदेय में बैंक द्वारा की गई कटौती की जांच कर भुगतान कराने की मांग की गई।
आजमगढ़ में आशा-आशा संगिनी कर्मियों के बकाया मानदेय को लेकर डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
संस्थागत प्रसव के जन्म प्रमाण पत्र पीएचसी स्तर पर ही बनाए जाएं, ताकि आशा-संगिनी को तहसील व ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें।जनपद स्तर पर एक निगरानी समिति गठित की जाए, जो हर माह कुल प्राप्त बजट, वितरित राशि और शेष धनराशि का विवरण सार्वजनिक करे।समिति ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डीपीएम/डीसीपीएम और मीडिया को भी भेजी गई है।इस मौके पर संध्या सिंह (जिलाध्यक्ष) सहित वंदना, सिंधुमती, सरोज मोची, शीला, रिशु सिंह, सुशीला देवी, मनोरमा देवी, सरोज चौहान समेत कई आशा एवं आशा संगिनी प्रतिनिधि मौजूद रहीं।



