आजमगढ़:स्कूल में लापरवाही का आरोप, छात्र का हाथ फैक्चर,मां ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

Azamgarh: Allegations of negligence in school, student's hand fractured, mother appeals to SP for justice

आजमगढ़।जिले के करतालपुर स्थित एचएमपीएस (HMPS) स्कूल पर एक गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़िता प्रतिमा मिश्रा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर स्कूल के खेल अध्यापक भूपेन्द्र शर्मा और प्रिंसिपल ज्योति रिचारिया पर उनके नाबालिग बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार और गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।प्रार्थिनी के अनुसार, उनका बेटा राधे कृष्णा मिश्रा एचएमपीएस स्कूल करतालपुर में पढ़ता है। बच्चे की तबीयत खराब होने के बावजूद खेल अध्यापक भूपेन्द्र शर्मा ने उसे जबरन खेल के लिए ले जाया। इसी दौरान बच्चा गिर पड़ा, जिससे उसका हाथ फैक्चर हो गया। आरोप है कि बच्चा लंबे समय तक दर्द से तड़पता रहा, लेकिन अध्यापक मदद करने के बजाय हंसते रहे। स्थिति बिगड़ने पर बच्चे को उसी घायल हाथ से खींचा गया, जिससे अंदर की नसें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और बच्चा बेहोश हो गया।

फैक्चर के बाद भी नहीं मिली मदद, स्कूल प्रबंधन कटघरे में

परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने घटना को हल्के में लेते हुए “नखरा” बताकर स्प्रे लगाया और खानापूर्ति के लिए एक छोटे अस्पताल में दिखाया। बाद में जब मां स्कूल पहुंचीं, तो डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद बच्चे को वेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां से स्कूल के जिम्मेदार लोग कथित तौर पर बिना उचित जिम्मेदारी लिए चले गए।पीड़िता का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें धमकाया गया कि यदि घटना की जानकारी कहीं दी तो बच्चों के रिजल्ट कार्ड रोक दिए जाएंगे। उनके चारों बच्चे उसी स्कूल में पढ़ते हैं और डर के कारण अब स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खेल अध्यापक पहले से बच्चे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था और अपमानजनक शब्द कहता था।

फैक्चर के बाद भी नहीं मिली मदद, स्कूल प्रबंधन कटघरे में

इलाज पर अब तक लगभग 2.50 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, जो कर्ज लेकर किए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार नसें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हैं और आगे कई ऑपरेशन की जरूरत पड़ेगी। आर्थिक रूप से असमर्थ परिवार ने स्कूल प्रबंधन से इलाज का खर्च दिलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल में पहले भी दुर्घटनाएं होती रही हैं, लेकिन प्रभावशाली पहुंच के दम पर मामलों को दबा दिया जाता है। बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से परिवार न्याय की आस में पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहा है।मामले ने शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button