Azamgarh news :फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ लेने वाले अंतरराज्यीय गैंग के दो गिरफ्तार
फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ लेने वाले अंतरराज्यीय गैंग के दो गिरफ्तार

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
थाना सिधारी पर GST विभाग ने फर्जी कूटरचित फर्म बनाकर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आई.टी.सी.) का अनुचित लाभ प्राप्त करके राजस्व को हानि पहुचाने वाले फर्जी फर्मों के विरुद्ध मु.अ.सं.- 335/2025 धारा, 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 111 BNS पंजीकृत कराया गया था ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद आजमगढ़ डा0 अनिल कुमार के आदेश के क्रम में श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम श्री विवेक त्रिपाठी एवं सहायक नोडल अधिकारी CO City के निर्देशन में साइबर अपराध एवं आर्थिक अपराध के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना सिधारी पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा फर्जी फर्मों के माध्यम से जीएसटी/आईटीसी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 02 अभियुक्तों को पंजाब राज्य से गिरफ्तार किया गया है।
अभियुक्तों को पंजाब के गोबिन्दगढ़ से गिरफ्तार कर दिनांक 29.04.2026 को मा0 न्यायालय फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)
से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर आज दिनांक 02.05.2026 को मा0 न्यायालय आजमगढ़ प्रस्तुत किया जायेगा ।
गिरफ्तार अभियुक्त-
1. विकास कुमार पुत्र वेद प्रकाश, निवासी वार्ड नं.-3, गली नं.-7, दिलीप नगर, खन्ना, थाना सिटी-1, लुधियाना, पंजाब ।
2. बलजीत सिंह पुत्र प्रीतम सिंह, निवासी इकबाल नगर शाहपुर मुगल मजरा, जनपद फतेहगढ़ साहिब, पंजाब ।
अपराध का तरीका (Modus Operandi)-
गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा संगठित सिंडीकेट बनाकर फर्जी/कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न फर्जी फर्में स्थापित की गयीं, जिनमें प्रमुखतः—
पंकज इंटरप्राइजेज
भोलानाथ इंटरप्राइजेज
शिवम ट्रेडर्स
वी.के. इंटरप्राइजेज
भोलानाथ इंटरप्राइजेज फर्म का उपयोग उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी कर संगठित ITC/GST चोरी हेतु किया जा रहा था। इस मुकदमे में 41 करोड़ 93 लाख रूपये की आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर 7 करोड़ 54 लाख के टैक्स क्रेडिट की राजस्व हानि की गई।
जांच में प्रकाश में आये तथ्य:
अभियुक्त विकास कुमार द्वारा फर्जी फर्म खोलने हेतु अपने दस्तावेज उपलब्ध कराये गये।
अभियुक्त बलजीत सिंह द्वारा कई सिम कार्ड उपलब्ध कराकर उक्त फर्जी फर्मों के संचालन में सहयोग किया गया।
अभियुक्त बलजीत सिंह द्वारा दिये मोबाइल नम्बर का प्रयोग का उपयोग कई फर्जी कंपनियों के संचालन में किया गया।
गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है।



