Azamgarh News: माँ का कोई धर्म नहीं होता” मातृत्व दिवस पर पूजा सिंह ने जरूरतमंद महिलाओं को बांटी सिलाई मशीनें, मानवता का दिया संदेश

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
“माँ का कोई धर्म नहीं होता” मातृत्व दिवस पर पूजा सिंह ने जरूरतमंद महिलाओं को बांटी सिलाई मशीनें, मानवता का दिया संदेश
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम, मातृशक्ति के सम्मान में दुर्गा शक्ति सेवा ट्रस्ट की अनूठी पहल
आजमगढ़ जनपद में मातृत्व दिवस के पावन अवसर पर समाजसेवा और मातृशक्ति सम्मान का एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब दुर्गा शक्ति सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सनातन सेना भारत की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पूजा सिंह ने जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का संबल दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं की आंखों में खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। किसी ने इसे अपने बच्चों की पढ़ाई का सहारा बताया तो किसी ने परिवार की आर्थिक मजबूती का नया रास्ता।
इस अवसर पर श्रीमती पूजा सिंह ने भावुक शब्दों में कहा—
“सिलाई मशीन केवल एक मशीन नहीं, बल्कि एक माँ और बहन के सम्मान और आत्मनिर्भरता का साधन है। जब महिला अपने पैरों पर खड़ी होगी, तब परिवार मजबूत होगा और देश का भविष्य भी उज्ज्वल बनेगा।”
उन्होंने कहा कि दुर्गा शक्ति सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को इस योग्य बनाना है कि वे अपने श्रम और हुनर के बल पर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। संस्था का लक्ष्य है कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को छोटा रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की आवश्यकता न पड़े।
पत्रकारों के सवाल पर दिया मानवीय जवाब
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने जब यह सवाल किया कि क्या सिलाई मशीनें केवल हिंदू महिलाओं को दी जाएंगी? क्या इसमें धर्म या पार्टी देखी जाएगी?
इस प्रश्न पर श्रीमती पूजा सिंह ने बेहद संवेदनशील और मानवीय उत्तर देते हुए कहा—
“माँ, माँ होती है। माँ में कोई जाति-धर्म नहीं होता। भूख का कोई मजहब नहीं होता और आत्मनिर्भरता का कोई पंथ नहीं होता। ये मशीनें हर उस बहन के लिए हैं जो मेहनत करके अपने बच्चों का भविष्य संवारना चाहती है।”
उन्होंने आगे कहा
“हम सेवा में भेदभाव नहीं करते। हमारे लिए हर जरूरतमंद महिला भारत माता का स्वरूप है न कोई हिंदू, न मुसलमान, सिर्फ स्वाभिमानी माँ। हमारा एक ही धर्म है मानवता, और एक ही पार्टी है मातृशक्ति।”
उनके इस बयान ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। महिलाओं और स्थानीय लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।
कार्यक्रम के अंत में लाभार्थी महिलाओं ने श्रीमती पूजा सिंह और दुर्गा शक्ति सेवा ट्रस्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे सिलाई का कार्य कर अपने परिवार का सहारा बनेंगी और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला सकेंगी।



