Azamgarh News: पूर्ति निरीक्षक की सतर्कता से पकड़ी गई राशन की कालाबाजारी, 15 बोरी गेहूं गायब मिलने पर मचा हड़कंप

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

पूर्ति निरीक्षक की सतर्कता से पकड़ी गई राशन की कालाबाजारी, 15 बोरी गेहूं गायब मिलने पर मचा हड़कंप

आजमगढ़ जनपद के विकासखंड बिलरियागंजअंतर्गत गरीबों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ कंन्धरापुर थाने में पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा के द्वारा कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। शासन की मंशा के अनुरूप सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा की सतर्कता और ईमानदार कार्यशैली ने राशन माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। औचक निरीक्षण के दौरान सरकारी गेहूं से लदा ट्रक पकड़ा गया, जिसमें 15 बोरी गेहूं कम पाया गया। मामले में ठेकेदार, उसके प्रतिनिधि और ट्रक चालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।

जानकारी के अनुसार 13 मई 2026 को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बिलरियागंज गोदाम से उचित दर विक्रेताओं को वितरित किए जा रहे खाद्यान्न की औचक जांच की गई। जांच के दौरान बिलरियागंज क्षेत्र के दुल्लहपार अंडरपास के पास ट्रक संख्या यूपी 93 टी 4551 को रोककर निरीक्षण किया गया। ट्रक चालक अनिल कुमार से प्राप्त टीडीसी स्लिप क्रम संख्या 44205 के अनुसार वाहन पर कुल 145.50 कुंतल गेहूं यानी 291 बोरी लदी थी, जिसे ब्लॉक बिलरियागंज के नौ उचित दर विक्रेताओं तक पहुंचाया जाना था।

निरीक्षण के समय तक सात उचित दर विक्रेताओं को खाद्यान्न वितरित किया जा चुका था, जबकि दो विक्रेताओं योगेश कुमार (मिरिया रेहड़ा) और गुलाब राम (जमीन फरेंदा) को कुल 36 कुंतल गेहूं की आपूर्ति शेष थी। लेकिन जब ट्रक की जांच की गई तो उसमें मात्र 28.50 कुंतल यानी 57 बोरी गेहूं ही मौजूद मिला। जांच में 7.50 कुंतल यानी कुल 15 बोरी गेहूं कम पाया गया, जिससे मौके पर ही हड़कंप मच गया।

पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए उच्चाधिकारियों को सूचना दी। उपजिलाधिकारी सगड़ी समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में जांच की गई। मौके पर पहुंचे ठेकेदार भीमसेन यादव उर्फ फेंकू और उसके प्रतिनिधि मनबोध यादव गेहूं कम होने के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

ट्रक चालक अनिल कुमार ने भी अपने बयान में स्वीकार किया कि ट्रक में 15 बोरी गेहूं कम था तथा खाद्यान्न की उतराई का कार्य ठेकेदार प्रतिनिधि द्वारा कराया जाता है। चालक ने स्पष्ट कहा कि पूरे मामले की जानकारी ठेकेदार और उसके प्रतिनिधि को है।

पूर्ति विभाग की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि यदि अधिकारी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तो गरीबों का राशन बचाया जा सकता है। जिस गेहूं पर गरीब परिवारों का अधिकार था, उसकी कालाबाजारी की कोशिश को समय रहते पकड़ लिया गया।

मामले में जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद परिवहन एवं हैंडलिंग ठेकेदार भीमसेन यादव, उसके प्रतिनिधि मनबोध यादव तथा ट्रक चालक अनिल कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ट्रक को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।

क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा की इस कार्रवाई की सराहना हो रही है। आम लोगों का कहना है कि गरीबों के हक की रक्षा के लिए ऐसे जिम्मेदार और ईमानदार अधिकारियों की जरूरत है, जो दबाव में आए बिना भ्रष्टाचार और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कदम उठाएं।

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