Azamgarh news :आजमगढ़ में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान शुरू, दुर्लभ धरोहरों का होगा संरक्षण

आजमगढ़ में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान शुरू, दुर्लभ धरोहरों का होगा संरक्षण

जनपद में चलेगा पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान, अभिलेखों को ज्ञान भारतम ऐप पर किया जायेगा अपलोड

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया है कि शासनादेश द्वारा ज्ञान भारतम मिशन के अन्तर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन कराया जाना है। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समृद्ध ज्ञान, परम्परा, सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य, प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़ पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों का संरक्षण करने एवं उन्हें सुरक्षित रूप से भावी पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से ज्ञान भारतम मिशन प्रारम्भ किया गया है। ज्ञान भारतम मिशन के अन्तर्गत पांडुलिपियों, ताड़ पत्रों, दुर्लभ ग्रन्थों आदि के संस्थागत (निजी एवं सरकारी) संग्रह केन्द्रों एवं व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं के चिन्हीकरण एवं सूचीकरण हेतु शासनादेश द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं।

शासन द्वारा उपर्युक्त अभियान के प्रदेश में सफल एवं समयान्तर्गत क्रियान्वयन हेतु राज्य एवं जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है, जिसमें जनपद स्तर पर जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी सदस्य सचिव, कुल सचिव महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़, जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रधानाचार्य संस्कृत पाठशाला पाण्डेय बाजार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद एवं संस्कृत भाषा/अन्य प्राचीन भाषाओं के विशेषज्ञ सदस्य नामित किये गये हैं।

जनपद स्तरीय समिति के सहयोगार्थ अतिरिक्त सदस्य नामित किया गया है। जिसमें प्रभारी अधिकारी ट्रस्ट/आंग्ल अभिलेखागार द्वारा जिलास्तरीय समिति से समन्वय स्थापित कर ट्रस्ट एवं आंग्ल अभिलेखागार से अभिलेखों को ज्ञान भारतम एप पर अपलोड कराया जायेगा। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा मदरसों के पुस्तकालयों में संरक्षित पांडुलिपियों को ब्लाक वार विभागीय टीम गठित करके ज्ञान भारतम एप पर अपलोड कराया जायेगा। जिला सूचना अधिकारी द्वारा ज्ञान भारतम अभियान का प्रचार-प्रसार कराया जायेगा। उपायुक्त जी०एस०टी०, द्वारा जनपद के चलचित्र गृहों में ज्ञान भारतम अभियान से सम्बन्धित वीडियो को प्रसारित कराया जायेगा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा जनपद के महाविद्यालयों के पुस्तकालयों में उपलब्ध पांडुलिपियों, ताड़ पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों ब्लाक वार विभागीय टीम गठित करके ज्ञान भारतम एप पर अपलोड कराया जायेगा। जिला पर्यटन सूचना अधिकारी द्वारा जनपद के साहित्यकार, महानुभावों तथा पांडुलिपि संग्रहकर्ताओं से सम्पर्क स्थापित कर उनके द्वारा संरक्षित पांडुलिपियों, ताड़ पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों को ज्ञान भारतम एप पर अपलोड कराया जायेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जनपद के समस्त माध्यमिक विद्यालय/संस्कृत विद्यालय के प्रबन्धकारिणी समिति से सम्पर्क स्थापित कर उनके द्वारा संरक्षित पांडुलिपियों, ताड़ पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों को ब्लाक वार विभागीय टीम गठित करके ज्ञान भारतम एप पर अपलोड कराया जायेगा। समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/पंचायत/जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा विभागीय टीम गठित कर जनपद के साहित्यकार, महानुभावों तथा पांडुलिपि संग्रहकर्ताओं से सम्पर्क स्थापित कर उनके द्वारा संरक्षित पांडुलिपियों, ताड़ पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों को ज्ञान भारतम एप पर अपलोड कराया जायेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अन्तर्गत किये जाने वाला पांडुलिपियों, ताड़ पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों का संरक्षण शासनादेश में वर्णित निम्न बिन्दुओं को अमल में लाते हुए क्रियान्वयन किया जाना है-

1. पांडुलिपियों आदि के सम्भावित संग्रह केन्द्र जनपद में स्थित निजी एवं सरकारी पुस्तकालय, संग्रहालय, शिक्षण संस्थान, शोध संस्थान, संस्कृत पाठशालाएं, मन्दिर, मठ, आश्रम, गुरूकुल, ट्रस्ट आदि हो सकते है। इसी प्रकार निजी संग्रहकर्ता, पुरोहित, धर्माचार्य, ज्योतिषाचार्य, आयुर्वेदाचार्य, संस्कृत एवं प्राचीन भाषाओं के विद्वान आदि महानुभावों के पास भी पाण्डुलिपियों का निजी संग्रह हो सकता है।

2. उपरोक्त समस्त सम्भावित पाण्डुलिपि संग्रह केन्द्रों, व्यक्तियों आदि के चिन्हीकरण/सर्वेक्षण का कार्य दिनांक 16 मार्च, 2026 से प्रारम्भ है, जिसे तीन माह में पूर्ण कर लिया जाए।

3. सर्वेक्षण कार्य पाण्डुलिपि संग्रह केन्द्र के प्रभारी/पाण्डुलिपि संग्रहकर्ता की सहमति प्राप्त कर ही किया जाएगा। पाण्डुलिपि का स्यामित्व संग्रहकर्ता के पास ही रहेगा।

4. जनपद में सर्वेक्षण कार्य GYAN BHARTAM APP मोबाइल ऐप्लीकेशन जो गूगल प्ले स्टोर/एप स्टोर पर निःशुल्क डाउनलोड हेतु उपलब्ध है, के माध्यम से किया जायेगा।

5. पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य में सर्वेक्षक के रूप में शैक्षिक संस्थानों के अध्यापकों, विशेष रूप से संस्कृत/प्राचीन भाषाओं के अध्यापकों, इतिहास एवं पुरातत्त्व विषयों के अध्यापकों, जनपद में स्थित पुस्तकालयों एवं संग्रहालयों के अधिकारी/कर्मचारी, खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी, ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, मट/मन्दिर/आश्रम ट्रस्ट के प्रतिनिधि, एन०एस०एस०/एन०सी०सी० के वॉलन्टियर्स, महाविद्यालय/विश्वविद्यालय के विधार्थीगण, विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संगठनों के सदस्यों को नियुक्त किया जा सकता है।

6. जनपद स्तर पवर टेक्निकल सहायता के लिए आनंद तिवारी, सीएम फेलो, पर्यटन विभाग, मो0- 7398522298 से सम्पर्क किया जा सकता है।

7. सभी नामित अधिकारी अपलोड किए हुए पाण्डुलिपियों की रिपोर्ट प्रतिदिन सायं जिला पर्यटन सूचना अधिकारी मो० 8299390292 को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

जिलाधिकारी ने जनपद स्तरीय समिति तथा जनपद स्तरीय समिति के सहयोग के लिए नामित सभी सदस्यों को निर्देशित किया है कि ज्ञान भारतम मिशन के नामित जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी, आजमगढ़ से निरन्तर सम्पर्क स्थापित कर ज्ञान भारतम मिशन के अन्तर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रभावी कार्यवाही करने तथा कृत कार्यवाही की पाक्षिक प्रगति ई-मेल आइडी-uparchives.lko@gmail.com पर प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

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