Jaunpur news news:विद्यालय में दबंगई का आरोप: जबरन सीसीटीवी, पेड़ों की कटाई और जान से मारने की धमकी, डीएम ने बैठाई जांच
Jaunpur news News: Allegations of bullying in school: forced CCTV, tree felling and death threats, DM orders investigation

बदलापुर (जौनपुर)। विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय फत्तूपुर के प्रधानाध्यापक राम सिंह ने ग्राम प्रधान राजदेव यादव एवं उनके पुत्र वृजेश यादव पर विद्यालय के कार्यों में अवैध हस्तक्षेप, दबंगई, छात्राओं की निजता से खिलवाड़, पेड़ों की कटाई और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों से की गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
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प्रधानाध्यापक के अनुसार ग्राम प्रधान और उनके पुत्र ने विद्यालय प्रशासन की अनुमति के बिना परिसर में निजी सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। आरोप है कि कैमरों की दिशा ऐसी है, जिससे छात्राओं की निजता प्रभावित हो रही है। उन्होंने इसे विद्यालय की व्यवस्था में अनुचित हस्तक्षेप बताया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद विद्यालय खुलने पर परिसर के कई हरे-भरे पेड़ों की डालियां कटी हुई मिलीं। इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी गई। प्रधानाध्यापक का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान लगातार विद्यालय के कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं और विरोध करने पर जान से मरवाने की धमकी भी देते हैं।
प्रधानाध्यापक ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने शिकायत को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए खंड विकास अधिकारी बदलापुर को भेज दिया। खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी ने बताया कि 20 जून 2026 को सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) रणजीत सिंह तथा ग्राम पंचायत अधिकारी श्यामसुंदर मौर्य को दो दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसे जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि विद्यालय परिसर के पेड़ भीषण गर्मी में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को राहत प्रदान करते थे। पेड़ों की कटाई से जहां बच्चों और शिक्षकों को तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पर्यावरण संरक्षण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। हरे-भरे पेड़ों की कटाई को लेकर भी स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखी जा रही है



