Azamgarh news :मतदेय स्थलों के सम्भाजन हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

मतदेय स्थलों के सम्भाजन हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

4 से 14 जुलाई 2026 के मध्य मतदेय स्थल विषयक आपत्ति पत्र संबंधित एसडीएम या जिला निर्वाचन कार्यालय में करें जमा- जिला निर्वाचन अधिकारी

मतदेय स्थल आपत्ति पत्र पर बिन्दुवार विधान सभा, मतदान केन्द्र, मतदेय स्थल, किन कारणों से चेंज करना चाहते हैं….का करें उल्लेख- जिला निर्वाचन अधिकारी

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

मतदेय स्थलों के सम्भाजन हेतु जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समस्त अध्यक्ष/मंत्री, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश द्वारा मतदेय स्थलों का सम्भाजन 1200 मतदाताओं के आधार पर करने के निर्देश दिये गये हैं। मतदेय स्थलों का सम्भाजन हेतु समय सारणी निर्धारित की गयी है- आपत्तियों एवं सुझावों हेतु मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन 04 जुलाई 2026 को, मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराना 04 जुलाई 2026, वर्तमान संसद सदस्यों, विधानसभा सदस्यों तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठकों के आयोजन के पश्चात् शिकायतों एवं सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को अन्तिम रूप दिया जाना 18 जुलाई 2026, जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी संलग्नकों सहित मतदेय स्थलों का प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को आयोग के अनुमोदनार्थ भेजने हेतु उपलब्ध कराया जाना 25 जुलाई 2026, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा सम्भाजन संबंधी प्रस्ताव आयोग के अनुमोदनार्थ प्रेषित किया जाना 31 जुलाई 2026।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपस्थित राजनैतिक दलांे के पदाधिकारियों को अवगत कराया कि विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के अनुसार मतदेय स्थलों का निर्धारण करने के पश्चात् मतदेय स्थलों की एक नयी सूची तैयार की जायेगी और उसका आलेख्य सूची समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के जनपदीय प्रतिनिधियों को 04 जुलाई 2026 को उपलब्ध कराया जायेगा तथा आप द्वारा 14 जुलाई 2026 तक आपत्ति/सुझाव संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/जिला निर्वाचन कार्यालय, आजमगढ़ में उपलब्ध करा सकते है, जिससे प्राप्त आपत्तियों की जांच कराकर समय से मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ समय से उप्लब्ध कराया जा सके।

विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदेय स्थलों को रनिंग सीरियल नम्बर दिये जायेगें। मतदेय स्थलों की नई सूची में कोई भी आक्जिलरी (सहायक) मतदेय स्थल नही रखा जायेगा। राजनैतिक दलों से प्राप्त सभी प्रत्यावेदनों की सूची तैयार की जाये, तथा यह भी उल्लेख किया जाये कि प्रस्ताव स्वीकृत किया गया या नहीं। विशेष परिस्थितियों में 300 से कम मतदाता वाले मतदेय स्थलों को रखा जाना अपरिहार्य हो, तो प्रस्ताव (अनुलग्नक-3) में उस मतदेय स्थल को बनाये रखे जाने के सम्बन्ध में स्पष्ट कारण का उल्लेख कर दिया जाय। शहरी क्षेत्रों में जहाँ नयी आवासीय कालोनियां गत कुछ वर्षों में बनी हैं और उसमें नागरिक निवास करने लगे हैं, तो वहाँ पर यथावश्यकता नया पोलिंग स्टेशन बनाया जाए।

अत्यधिक पुराने व जर्जर भवन वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाए। अस्थायी निर्माण वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाए।

ऐसे मतदेय स्थलों को चिन्हित किया जाए, जो मुख्य गाँव/बस्ती से पर्याप्त दूरी पर है, उन मतदेय स्थलों को वहाँ से हटाकर मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत किसी सुविधाजनक भवन में स्थापित किया जाए। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि पोलिंग स्टेशन की दूरी लगभग 02 कि०मी० से अधिक न हो। जिन मतदेय स्थलों के भवन पुराने व जर्जर नहीं है और जहाँ मतदाता सूची में 1200 से अधिक मतदाता नहीं है तथा जहाँ मतदाताओं को 02 कि०मी० से अधिक दूरी चलने की आवश्यकता नहीं है, ऐसे मतदेय स्थलों की स्थिति में परिवर्तन नहीं किया जाए

कोई मतदेय स्थल यदि अपने मतदान क्षेत्र में उपयुक्त भवन न उपलब्ध होने के कारण मतदान क्षेत्र से बाहर स्थित है और अब मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपयुक्त भवन उपलब्ध हो गया है तो ऐसे मतदेय स्थल को अपने मतदान क्षेत्र के अन्दर स्थित भवन में शिफ्ट कर दिया जाए। यदि भौतिक सत्यापन में किसी मतदेय स्थल के संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बाहर स्थित होने का मामला प्रकाश में आता है तो ऐसे पोलिंग स्टेशनों को परिवर्तित कर विधानसभा क्षेत्र के अन्दर स्थापित किया जाए। सभी मतदेय स्थल भवनों के यथासम्भव भूतल पर होना सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांगजनों और अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिये प्रत्येक मतदेय स्थल पर रैम्प की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी राजनैतिक दल या लेबर यूनियन के कार्यालय से 200 मीटर के अन्दर कोई भी मतदेय स्थल नहीं बनाया जाए। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन के पश्चात मतदेय स्थलों के स्थान में अन्तिम क्षणों में परिवर्तन न रह जाय।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सम्भाजन की कार्यवाही पूर्ण होने के पश्चात प्रस्तावित मतदेय स्थलों की कुल संख्या 4343 है। उन्होने उपस्थित सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील किया कि वे अपने क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं/पार्टी सदस्यों को अवगत करायें कि मतदेय स्थलों से संबंधित जो भी आपत्तियां हों, वे 04 से 14 जुलाई 2026 के मध्य 10 दिन की अवधि में संबंधित उप जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध करायें। मतदेय स्थल विषयक आपत्ति पत्र पर बिन्दुवार-विधान सभा का नाम, मतदान केन्द्र, मतदेय स्थल, किन कारणों से परिवर्तन करना चाहते हैं, आदि की सूचना अंकित करें।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी गम्भीर सिंह, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सहित समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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