Azamgarh News:पेड़ कटान की अनुमति के नाम पर घूस लेते डीएफओ कार्यालय का स्टेनो गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय की खास रिपोर्ट
पेड़ कटान की अनुमति के नाम पर घूस लेते डीएफओ कार्यालय का स्टेनो गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप
आजमगढ़ जनपद में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के डीएफओ कार्यालय में तैनात स्टेनो कपिलदेव यादव को 7,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर पेड़ कटान की ऑनलाइन अनुमति दिलाने के बदले आवेदक से अवैध धनराशि मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद वन विभाग समेत प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई।
जानकारी के अनुसार, मुबारकपुर थाना क्षेत्र निवासी मनोज विश्वकर्मा ने एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की थी कि उनकी पेड़ कटान संबंधी ऑनलाइन फाइल को आगे बढ़ाने और अनुमति दिलाने के एवज में डीएफओ कार्यालय में कार्यरत स्टेनो कपिलदेव यादव 7,500 रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को तय राशि के साथ डीएफओ कार्यालय भेजा गया। जैसे ही स्टेनो ने शिकायतकर्ता से रुपये लिए, पहले से निगरानी कर रही एंटी करप्शन टीम ने कार्यालय के मुख्य गेट के पास उसे रिश्वत की रकम सहित दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी कपिलदेव यादव सिधारी थाना क्षेत्र का निवासी है और वर्ष 2001 से वन विभाग में सेवाएं दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके खिलाफ पहले भी रिश्वत लेने की शिकायतें सामने आती रही थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
एंटी करप्शन अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पड़ताल की जा रही है कि रिश्वतखोरी का यह मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित है या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भी भूमिका है। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।



