Azamgarh news :मदरसा जामिया अरबिया तनवीरुल उलूम में वार्षिक प्रशस्ति पत्र और विदाई समारोह का भव्य आयोजन, मेधावी छात्र सम्मानित
मदरसा जामिया अरबिया तनवीरुल उलूम में वार्षिक प्रशस्ति पत्र और विदाई समारोह का भव्य आयोजन, मेधावी छात्र सम्मानित

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जीयनपुर कस्बा स्थित मदरसा जामिया अरबिया तनवीरुल उलूम, नौशहरा के प्रांगण में गुरुवार को सुबह 10:00 बजे वार्षिक प्रशस्ति पत्र वितरण एवं विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस दोहरे आयोजन में जहां एक ओर साल भर कड़ा परिश्रम कर परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनकी हौसला अफजाई की गई, वहीं दूसरी ओर मदरसे में करीब तीन दशकों तक अपनी बेदाग सेवाएं देने वाली शिक्षिका को नम आंखों से भावभीनी विदाई दी गई।
जानकारी के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत कुरान शरीफ़ की तिलावत से हुई। इस अवसर पर इलाके की कई प्रमुख राजनीतिक व सामाजिक शख्सियतों ने शिरकत की। बतौर मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत जीयनपुर के पूर्व चेयरमैन एबाद अहमद खान व विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत जीयनपुर के वर्तमान चेयरमैन पुरुषोत्तम यादव व वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञानेन्द्र मिश्रा शामिल हुए। मंच पर मौजूद सभी अतिथियों ने अपने हाथों से होनहार बच्चों को मेडल, प्रमाण पत्र और पुरस्कार वितरित किए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। वही मदरसे के प्रबंधक गुलाम मोहम्मद रिजवी और प्रधानाचार्य रियासत हुसैन की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर प्रबंधन ने खुशी जाहिर की। प्रधानाचार्य रियासत हुसैन ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सन 2026 की सालाना परीक्षाओं में हर कक्षा से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करना था। उन्होंने कहा कि कि इस सम्मान का मकसद बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारना और उनका हौसला बढ़ाना है, ताकि वे आने वाले समय में और अधिक जोश, लगन व शौक के साथ अपनी तालीम यानी (शिक्षा) को आगे बढ़ा सकें।”
बता दे कि कार्यक्रम का दूसरा सत्र बेहद भावुक कर देने वाला था, जब मदरसे की नायब मोअल्लिमा तहतानिया अजरा खातून को विदाई दी गई। अजरा खातून साल 1997 से लगातार इस मदरसे में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ बच्चों का भविष्य संवार रही थीं। बीते 31 मार्च 2026 को उनका सेवाकाल पूरा (रिटायरमेंट) हुआ था। इस मौके पर उन्हें शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिह्न और गुलदस्ता भेंट कर विदा किया गया। विदाई के इन पलों में मदरसे के सभी शिक्षकों (असातिजा), छात्र-छात्राओं, नाजिम और प्रबंध समिति (अराकीन कमेटी) के सदस्यों की आंखें नम हो गईं। सभी ने उनके स्वस्थ और सुखद भविष्य की दुआएं कीं।
वही प्रधानाचार्य रियासत हुसैन ने मीडिया के माध्यम से क्षेत्र के सभी छात्र-छात्राओं को संदेश देते हुए कहा कि जो बच्चे इस बार किन्हीं कारणों से पीछे रह गए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा: हम चाहते हैं कि आज जिन बच्चों ने अच्छे नंबरों से कामयाबी हासिल कर इनाम पाया है, उन्हें देखकर दूसरे बच्चों में भी यही जज्बा और शौक पैदा हो। सभी विद्यार्थी आने वाले साल में इससे भी ज्यादा मेहनत करें, ताकि वे भी मंच पर आकर सम्मानित अतिथियों के हाथों पुरस्कार पाने के हकदार बन सकें। इस अवसर पर मुख्य रूप से मौलाना फैयाज अहमद, मास्टर मो मोहसिन, मौलाना अब्बास अली, कारी जलालुद्दीन, मास्टर जरगाम हैदर, मास्टर खुर्शीद अहमद, मास्टर बरकात अहमद, दानिश, हाफिज़ सगीर अहमद , मौलवी ग़ुलाम साबिर, मास्टर दानिश, शबनम, कारी नुरुद्दीन, मास्टर अशफ़ाक़, मज़हर हुसैन, कमरुद्दीन, वसीम, फारूक अहमद, सलीम सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।



