Azamgarh news :प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे के नेतृत्व में सरायमीर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नाबालिग से दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन के आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे के नेतृत्व में सरायमीर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नाबालिग से दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन के आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जनपद आजमगढ़ के थाना सरायमीर पुलिस ने नाबालिग से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, कथित रूप से विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन कराने, निकाह का दबाव बनाने तथा परिवार को धमकी देने के गंभीर आरोपों में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मुखबिर की सूचना पर ग्राम कुरियावां से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई को थाना प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे के नेतृत्व में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।थाना सरायमीर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से अपराध नियंत्रण, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, संदिग्ध व्यक्तियों की लगातार चेकिंग तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के बाद से अपराधियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया गया है। थाना क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, बाजारों तथा संवेदनशील स्थानों पर नियमित वाहन चेकिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान तथा निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस को इस गंभीर मामले में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 11 जुलाई 2026 को थाना सरायमीर क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने थाना स्थानीय पर लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसकी नाबालिग पुत्री को एक युवक शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया, उसका विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन कराया, निकाह करने का दबाव बनाया तथा विरोध करने पर पीड़िता और उसके परिवार को धमकियां भी दीं।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना सरायमीर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी। पुलिस ने मु0अ0सं0 183/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 137(2), 351(3), पाक्सो अधिनियम की धारा 3/4 तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3/5(1) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया।मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार की गई तलाश के दौरान 12 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित अभियुक्त ग्राम कुरियावां में मौजूद है। सूचना मिलते ही थाना सरायमीर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मो. गुड्डू पुत्र असलम निवासी ग्राम कुरियावां, थाना सरायमीर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई। पुलिस ने आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना अभी जारी है तथा पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को लेकर शासन की स्पष्ट नीति है कि ऐसे मामलों में तत्काल मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष एवं त्वरित विवेचना की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी नीति के अनुरूप थाना सरायमीर पुलिस ने शिकायत मिलते ही बिना विलंब आवश्यक कार्रवाई की।थाना प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे के नेतृत्व में थाना क्षेत्र में लगातार अपराध नियंत्रण को लेकर प्रभावी रणनीति अपनाई जा रही है। क्षेत्र में नियमित पैदल गश्त, रात्रि भ्रमण, वाहन चेकिंग, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ तथा वांछित अपराधियों की धरपकड़ का अभियान लगातार चल रहा है। पुलिस द्वारा असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे क्षेत्र में अपराधियों के बीच कानून का भय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में थाना सरायमीर पुलिस की सक्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। नियमित पुलिस गश्त और चेकिंग अभियान के कारण अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है। पुलिस द्वारा फरार एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है तथा विभिन्न मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, महिला उत्पीड़न, बाल अपराध या अन्य संदिग्ध घटना की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।इस पूरे प्रकरण में गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक उदय बहादुर यादव, कांस्टेबल इंगलेश यादव, रिजर्व आरक्षी विकास दीप रावत, महिला कांस्टेबल रोशनी तिवारी तथा रिजर्व महिला कांस्टेबल संध्या पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेज दिया।
पुलिस विभाग का कहना है कि महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। थाना सरायमीर पुलिस भविष्य में भी अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध इसी प्रकार प्रभावी अभियान जारी रखेगी, ताकि आमजन में सुरक्षा की भावना बनी रहे और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।
यह समाचार पुलिस द्वारा जारी प्रेस-विज्ञप्ति और आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। आरोप सिद्ध होना न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा



