Azamgarh News:शिवालिक हॉस्पिटल में डॉ. शौर्य विक्रम सिंह का हुआ भव्य सम्मान, मणिपाल विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडल मिलने पर गूंजा तालियों से सभागार
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
शिवालिक हॉस्पिटल में डॉ. शौर्य विक्रम सिंह का हुआ भव्य सम्मान, मणिपाल विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडल मिलने पर गूंजा तालियों से सभागार
आजमगढ़ जनपद के प्रख्यात शिवालिक हॉस्पिटल में मंगलवार को आयोजित क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय के भव्य स्वागत समारोह के दौरान एक अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण पल उस समय देखने को मिला, जब शिवालिक संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक सिंह के सुपुत्र एवं प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शौर्य विक्रम सिंह को मणिपाल विश्वविद्यालय, बेंगलुरु द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित किए जाने के उपलक्ष्य में सार्वजनिक रूप से अभिनंदित किया गया।
समारोह के दौरान मंच पर उपस्थित अखिलेश कुमार सिंह, बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट, न्याय पीठ बाल कल्याण समिति, आजमगढ़ ने मां मुन्नी देवी शिक्षण सेवा संस्थान, आजमगढ़ की ओर से डॉ. शौर्य विक्रम सिंह को सम्मान-पत्र, अंगवस्त्र एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. शौर्य विक्रम सिंह की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे आजमगढ़ जनपद के लिए गर्व का विषय है। उनकी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा ने जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच डॉ. शौर्य विक्रम सिंह का स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि युवा चिकित्सकों की ऐसी उपलब्धियां समाज के अन्य युवाओं को भी उच्च शिक्षा और उत्कृष्टता की दिशा में प्रेरित करती हैं।
इस अवसर पर शिवालिक संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके परिवार के लिए अत्यंत भावुक क्षण है। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. शौर्य विक्रम सिंह भविष्य में भी अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण के माध्यम से समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे।
समारोह में क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सम्मानित अतिथि मौजूद रहे। सभी ने डॉ. शौर्य विक्रम सिंह को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सफल चिकित्सकीय जीवन की मंगलकामना की। समारोह का वातावरण सम्मान, उत्साह और गौरव की भावना से ओत-प्रोत रहा।



