Azamgarh News:दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित पात्र छात्र-छात्राओं को मिलेगा लाभ*

*दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित पात्र छात्र-छात्राओं को मिलेगा लाभ*

 

*01 से 07 सितम्बर तक शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा तैयार कर डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित किया जाएगा*

 

*29 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक पीएफएमएस के माध्यम से आधार सीडेड/एनपीसीआई मैप्ड बैंक खातों में भेजी जाएगी धनराशि*

 

आजमगढ़, 01 सितम्बर 2026।

 

जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया है कि वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की पात्रता रखने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के ऐसे छात्र-छात्राएं, जिन्होंने छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन किया था, लेकिन विभिन्न तकनीकी एवं अन्य कारणों से छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि प्राप्त नहीं कर सके, उनके प्रकरणों के निस्तारण हेतु शासन द्वारा विस्तृत समय-सारिणी जारी की गई है।

 

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत शिक्षण संस्थान स्तर पर आवेदन लंबित रहने, पीएफएमएस से संबंधित प्रकरणों में रिस्पॉन्स प्राप्त न होने अथवा पीएफएमएस पर आवेदन लंबित रहने, मास्टर फीस न मिलने, त्रुटिपूर्ण एफिलिएशन अंकित होने, त्रुटिपूर्ण काउन्सलिंग दर्ज होने, निर्धारित तिथि के बाद परीक्षा परिणाम घोषित होने तथा त्रुटिपूर्ण परीक्षा परिणाम अंकित किए जाने आदि कारणों से पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि का भुगतान नहीं हो सका था।

 

निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कार्यवाही

 

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्गत समय-सारिणी के अनुसार संबंधित शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी, एनआईसी तथा छात्र-छात्राओं द्वारा निर्धारित अवधि में आवश्यक सुधार, सत्यापन एवं अग्रसारण की कार्यवाही की जानी है।

 

– 01 सितम्बर से 07 सितम्बर 2026 तक शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा तैयार किया जाएगा तथा पाठ्यक्रम, सीट, शुल्क एवं एफिलिएटिंग एजेंसी की जानकारी अपडेट कर डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित किया जाएगा।

 

– 02 सितम्बर से 08 सितम्बर 2026 तक विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा फीस का सत्यापन तथा ऑनलाइन नोडल अधिकारी द्वारा डाटा एवं फीस का डिजिटल हस्ताक्षर से सत्यापन किया जाएगा।

 

– 03 सितम्बर से 09 सितम्बर 2026 तक जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा फीस सत्यापन तथा शिक्षण संस्थान के डाटा एवं फीस की ऑनलाइन प्रामाणिकता एवं सत्यापन की कार्यवाही की जाएगी।

 

– 03 सितम्बर से 10 सितम्बर 2026 तक विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम पोर्टल पर अपडेट किए जाएंगे।

 

– 11 सितम्बर से 15 सितम्बर 2026 तक एनआईसी द्वारा स्क्रूटनी एवं पीएफएमएस सत्यापन के बाद शुद्ध डाटा जिला स्तर पर तथा त्रुटिपूर्ण डाटा संस्थान के लॉगिन पर उपलब्ध कराया जाएगा।

 

– 16 सितम्बर से 18 सितम्बर 2026 तक छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए ऑनलाइन आवेदन में पाई गई त्रुटियां उनके लॉगिन पर प्रदर्शित की जाएंगी तथा संबंधित छात्र-छात्राओं द्वारा त्रुटियों को ठीक किया जाएगा।

 

– 17 सितम्बर से 19 सितम्बर 2026 तक शिक्षण संस्थान द्वारा ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जाएंगे, अपात्र छात्रों के आवेदन निरस्त किए जाएंगे तथा पात्र छात्रों के आवेदन ऑनलाइन सत्यापित एवं अग्रसारित किए जाएंगे।

 

– 20 सितम्बर से 22 सितम्बर 2026 तक छात्र-छात्राओं द्वारा सही किए गए संदेहास्पद डाटा का एनआईसी की राज्य इकाई द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर पुनः परीक्षण कर जनपदीय लॉगिन पर उपलब्ध कराया जाएगा।

 

– 17 सितम्बर से 25 सितम्बर 2026 तक जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा संदेहास्पद एवं अवशेष शुद्ध डाटा वाले छात्र-छात्राओं के डाटा पर निर्णय लिया जाएगा तथा जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से डाटा लॉक किया जाएगा।

 

– 26 सितम्बर से 28 सितम्बर 2026 तक जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से लॉक डाटा के आधार पर एनआईसी की राज्य इकाई द्वारा मांग सृजित की जाएगी।

 

– 29 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2026 तक पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से पात्र छात्र-छात्राओं के आधार सीडेड/एनपीसीआई मैप्ड बैंक खातों में छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि भेजी जाएगी।

 

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने संबंधित शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसियों एवं पात्र छात्र-छात्राओं से अपील की है कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अपने स्तर से अपेक्षित कार्यवाही निर्धारित अवधि में पूर्ण करना सुनिश्चित करें, ताकि पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि का लाभ दिलाया जा सके।

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