गोरखपुर:राजघाट हादसे में मृत अधिवक्ताओं के परिजनों से मिले अजय राय
निर्माण में लापरवाही पर बोले - अंतिम संस्कार होता है, वहां भी भ्रष्टाचार!
गोरखपुर. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने गुरुवार को गोरखपुर के राजघाट में गुम्बद गिरने की घटना में जान गंवाने वाले अधिवक्ता आलोक अस्थाना और संजय सिंह के आवास पर पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने दोनों परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
अजय राय ने कहा कि दोनों उदीयमान अधिवक्ताओं की असमय मृत्यु बेहद दुखद और पीड़ादायक है। उनके निधन से परिवार के साथ ही अधिवक्ता समाज और पूरे गोरखपुर को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में कांग्रेस पार्टी मृतक अधिवक्ताओं के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राजघाट में गुम्बद गिरने की घटना को लेकर सरकार और संबंधित विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है कि जिस स्थान पर लोग अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करने पहुंचते हैं, वहां भी निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व निर्मित गुम्बद का अचानक भरभराकर गिर जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।उन्होंने कहा कि गुम्बद निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया, डिजाइन, कार्यदायी संस्था और संबंधित विभाग की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि निर्माण में मानकों की अनदेखी या किसी स्तर पर भ्रष्टाचार सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो लोगों की जान जाने के बाद इसे महज हादसा मानकर मामले को दबाया नहीं जा सकता।
अजय राय ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कुछ वर्ष पहले निर्मित गुम्बद इतनी जल्दी जर्जर स्थिति में कैसे पहुंच गया और निर्माण के समय गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही मृतक अधिवक्ताओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी तथा हर संभव सरकारी सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि राजघाट में गुम्बद गिरने से दो अधिवक्ताओं की मौत हृदयविदारक घटना है। यह हादसा निर्माण कार्यों में बरती गई गंभीर लापरवाही और संभावित अनियमितताओं की ओर संकेत करता है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।इस अवसर पर रवि प्रताप निषाद, गोरखलाल श्रीवास्तव, मकसूदन त्रिपाठी, श्रीश उपाध्याय, राकेश यादव, सतेंद्र निषाद, जयंत पाठक, सैयद जमाल, डॉ. चिन्मय पाण्डेय, राजीव कुमार पाण्डेय, प्रदीप पटेल, महेंद्र मिश्र, ज्ञानेन्द्र शाही, प्रवीण तिवारी, संतोष उपाध्याय, व्यास मुनि उपाध्याय, उत्कर्ष पाण्डेय, शिवशंकर यादव, संतोष शुक्ल, मनोज यादव, जयनारायण शुक्ल, सहला अहरारी, अनवर हुसैन, हरसेवक राम त्रिपाठी, प्रेम लता चतुर्वेदी, संजूम आरिफ, सदानंद पाण्डेय, शैलेन्द्र बल्लभ पाण्डेय, कमल श्रीवास्तव, मोनू राय, होशीला पाण्डेय और प्रेम कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।



