Azamgarh news :फर्जी पुलिस अधिकारी (सी0ओ0) बनकर शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹3.20 लाख की मांग कर ₹90 हजार की साइबर ठगी करने वाला पांचवीं पास, अभियुक्त गिरफ्तार
फर्जी पुलिस अधिकारी (सी0ओ0) बनकर शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹3.20 लाख की मांग कर ₹90 हजार की साइबर ठगी करने वाला पांचवीं पास, अभियुक्त गिरफ्तार

02 कूटरचित पुलिस अधिकारी पहचान पत्र, शराब ठेका का कूटरचित आवंटन पत्र, पुलिस वर्दी सेट एवं मोबाइल फोन बरामद
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
थाना गम्भीरपुर पर प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर अभियुक्त संजय द्वारा स्वयं को पुलिस का सी0ओ0 अधिकारी बताकर शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹3,20,000/- की मांग करने तथा दिनांक 30.08.2026 को ₹90,000/- नगद लेने के सम्बन्ध में मु0अ0सं0 226/2026 धारा 318(4), 319(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट पंजीकृत किया गया।
अभियुक्त द्वारा दिनांक 01.09.2026 को पुलिस की वर्दी पहनकर मोबाइल फोन से वीडियो कॉल की गयी तथा स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए विश्वास में लिया गया। बाद में जानकारी करने पर अभियुक्त के पुलिस अधिकारी न होने की बात सामने आयी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में दिनांक 18.09.2026 को थाना गम्भीरपुर पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर खास की सूचना एवं अभियुक्त की लोकेशन के आधार पर रानीपुर रजमों मोड़ के पास से अभियुक्त संजय पुत्र स्व0 श्रीराम, निवासी मगरावा, थाना गम्भीरपुर, जनपद आजमगढ़, उम्र करीब 40 वर्ष को समय करीब 12.10 बजे गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से 02 अदद कूटरचित पुलिस अधिकारी पहचान पत्र, 01 अदद शराब ठेका का कूटरचित आवंटन पत्र, 01 अदद पुलिस वर्दी सेट एवं 01 अदद मोबाइल फोन बरामद किया गया।
अभियुक्त द्वारा पुलिस अधिकारी, विशेषकर सी0ओ0/डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर लोगों को वीडियो कॉल की जाती थी तथा स्वयं को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर अपना प्रभाव स्थापित किया जाता था। अभियुक्त लोगों को यह विश्वास दिलाता था कि वह पुलिस विभाग में अधिकारी है तथा अपने पद एवं प्रभाव का प्रयोग कर शराब का ठेका, नौकरी आदि दिलाने का कार्य करा सकता है। पुलिस की वर्दी एवं कूटरचित पहचान पत्रों के माध्यम से लोगों को विश्वास में लेकर विभिन्न कार्य कराने के नाम पर धनराशि की मांग एवं ठगी की जाती थी।



