Azamgarh News: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर राजस्व एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न*

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय

जनपद में आबादी से दूर फील्ड में चिह्नित कुल 62 स्थलों पर ही लगेगें पटाखे की अस्थाई दुकानें*

*बैठक में बिना बताए अनुपस्थित एवं योजनाओं में पीछे रहने पर आईटीआई प्रिंसिपल, सीएफओ, जल निगम नगरीय का वेतन रोकते हुए नोटिस जारी-डीएम*

जीरो पावर्टी स्कीम फैमिली आईडी का ईओ, बीडीओ अभियान चला कर बनाना सुनिश्चित करें

*जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करें- डीएम*

आजमगढ़, 26 अक्टूबर 2026//

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर माह सितंबर-2026 के राजस्व एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्वांचल विकास निधि, त्वरित आर्थिक विकास योजना तथा 50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं परियोजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए।

सीएम डैशबोर्ड पर समीक्षा के दौरान विकास विभाग के कार्यक्रमों से संबंधित विभागवार परियोजनाओं में माह सितंबर 2026 में बी, सी व डी ग्रेड प्राप्त करने वाले विभागों का विगत तीन माह का तुलनात्मक विवरण पर जिलाधिकारी ने आवश्यक दिशा निर्देश दिया। डी श्रेणी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ,बी श्रेणी में पीएम सूर्य घर याेजना, जननी सुरक्षा योजना, नई सड़कों का निर्माण,पोषण अभियान, फ़ैमिली आईडी, जननी सुरक्षा योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए अगले माह में अपेक्षित सुधार पर बल दिया।

आगामी चुनाव के अंतर्गत डीएम ने जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में सस्ता वाला डुप्लीकेट शराब की बिक्री व उपलब्धता बिल्कुल भी ना हो। डीएम ने सभी ईओ और बीडीओ को निर्देश दिया कि जीरो पावर्टी स्कीम, फैमिली आईडी का अभियान चला कर बनाना सुनिश्चित करें। जो जनमानस नया विद्युत कनेक्शन लेना चाहते हैं वे झटपट पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें तुरंत कनेक्शन मिल जाएगा।

डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिया कि जनपद के सभी प्राइवेट अस्पताल एक हफ्ते के अंदर अपना फायर आडिट कराना सुनिश्चित करें ,नहीं तो जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दीपावली के दृष्टिगत डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध पटाखों की दुकान व स्टोरेज कदापि न हो। जनपद में कुल 62 स्थल चिन्हित किए गए हैं जहां आबादी से दूर फील्ड में पटाखे की अस्थाई दुकानें लगेंगे। वहां पर बालू की बोरी, दो दुकानों के बीच की दूरी, नो स्मोकिंग आदि मानक को सुनिश्चित किया जाए। पटाखे की लीगल दुकान व स्टोरेज भी आबादी के बीच में नहीं होनी चाहिए। बैठक में बिना बताए अनुपस्थित रहने व संबंधित योजनाओं में पीछे रहने पर प्रिंसिपल आईटीआई दीपक कुमार यादव,मुख्य अग्निशमन अधिकारी विवेक शर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय का वेतन रोकते हुए नोटिस जारी करने का डीएम ने निर्देश दिया।

50 लाख से ऊपर की लम्बित परियोजनाओं में 20वीं वाहिनी पीएसी में अधूरे पड़े कांफ्रेंस हाल, एमटी कार्यालय, कैंटिन, मनोरंजन हाल का निर्माण कार्य, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खरिहानी को समय सीमा में गुणवत्तायुक्त ढ़ंग से पूर्ण करने हेतु जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया।

50 लाख से ऊपर की विलम्बित परियोजनाओं में 05 स्वास्थ्य उपकेन्द्र, सम्भुपुर, बस्तीभुजवल, चांदनी चौक, शाहपुर एवं खजुरी, राजकीय मेडिकल कालेज में 50 शैय्या क्रिटिकल केयर हास्पिटल ब्लाक का निर्माण, नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के हरबंशपुर वार्ड में पेयजल योजना आदि के निर्माण कार्य में प्रगति लाते हुए समय सीमा में पूर्ण करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया।

जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन कर योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए। विद्युत संयोजन की समीक्षा में उन्होंने पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कर शीघ्र विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पूर्वांचल विकास निधि एवं त्वरित आर्थिक विकास योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत की लंबित पांच परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर तत्काल दूर किया जाए और प्रत्येक परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हो सकें। 50 करोड़ रुपये एवं उससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही कराए जाएं। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि परियोजनाओं की नियमित गुणवत्ता जांच एवं स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के संबंध में संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र हस्तांतरण की कार्यवाही पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण पूर्ण होने के बाद परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए, बल्कि संबंधित विभाग को हस्तांतरित कर आमजन के उपयोग में लाया जाए। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से आच्छादित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ऐसी सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को इन परियोजनाओं का लाभ समय से मिल सके।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए जिन योजनाओं में जिले की रैंकिंग एवं ग्रेडिंग अपेक्षित स्तर से कम है, उनमें विशेष प्रयास कर सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की प्रगति केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने विभागीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें, कम प्रगति वाले कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं तथा शासन की मंशा के अनुरूप जनपद की विकास योजनाओं को गति प्रदान करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ सिंह, अपर जिलाधिकारी वि/रा राजीव शुक्ला,जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button