अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी तथा अवैध अल्कोहल के परिवहन पर अंकुश लगाये जाने के दृष्टिगत 30 जून तक चलेगा विशेष प्रवर्तन अभियान
डीएम ने जनपदीय प्रशासन, पुलिस एवं आबकारी बल की गठित संयुक्त टीम को दिया आवश्यक निर्देश

जिला संवाददाता,विनय मिश्र, देवरिया।
देवरिया प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी तथा अवैध अल्कोहल/शीरा के परिवहन पर अंकुश लगाये जाने के दृष्टिगत 30 जून 2024 तक का विशेष प्रवर्तन
अभियान चलाये जाने हेतु निर्देशित किया गया है, जिसके अनुपालन में जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने जनपदीय प्रशासन व पुलिस तथा आबकारी बल की गठित संयुक्त टीम
को निर्देशित किया है कि वे जनपद स्थित अवैध मद्यनिष्कर्षण के अड्डों तथा अन्य प्रान्त निर्मित अवैध मदिरा की तस्करी के सम्भावित क्षेत्रों/मार्गो पर निरन्तर औचक
प्रवर्तन कार्यवाही सम्पादित करने हेतु विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने गठित टीम में संबधित तहसील के एसडीएम, क्षेत्राधिकारी एवं आबकारी विभाग के अधिकारी को नामित किया है। गठित टीमें जी.एस.टी., परिवहन
विभाग, ड्रग विभाग आर.पी.एफ.आर.ए.एफ. का भी यथा संभव सहयोग प्राप्त करेगी एवं आवश्यक बिन्दुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। गठित टीम को जिलाधिकारी ने
निर्देशित किया है कि वे अवैध मदिरा के कार्य में संलिप्त माफियाओं/ तस्करों की जो सूची तैयार/ उपलब्ध कराई गई है, उनके विरुद्ध स्थानीय पुलिस के सहयोग से गैंगेस्टर/गुण्डा
एक्ट के अन्तर्गत कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित करें एवं उन पर सतत निगरानी रखी रखें। संदिग्ध वाहनों की सघनता एवं सूक्ष्मता से चेकिंग कराई जाय। राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों पर
स्थित ढाबों, जहाँ अल्कोहल के टैंकर प्रायः रुकते है, की भी सघन एवं आकस्मिक जाँच करायी जाय। अवैध मदिरा के संदिग्ध स्थानों/अड्डों पर छापेमारी की कार्यवाही अवश्य की
जाये। पकड़े गये अभियोगों में आबकारी अधिनियम की विद्यमान धाराओं के साथ-साथ आवश्यकतानुसार आई.पी.सी. की सुसंगत धाराओं में भी एफ.आई.आर. दर्ज करायी जाय। आबकारी दुकानों एवं थोक अनुज्ञापनों का
निरीक्षण चेक लिस्ट के अनुसार किया जाये तथा दुकान पर स्थित स्टॉक के बार कोड व क्यूआर कोड की सूक्ष्मता एवं सतर्कतापूर्वक जाँच की जाय। इसके साथ जनपदों में ऐसी
दुकानें जो सेक्टर/क्षेत्र में सबसे दूरस्थ जंगल क्षेत्र अथवा निर्जन स्थान पर स्थापित की गयी हो, उन दुकानों पर अवैध/मिलावटी शराब बिकने की सम्भावना अधिक होती है,
इसकी रोकथाम के लिए ऐसी दुकानों पर सतर्क दृष्टि एवं निगरानी रखा जाना सुनिश्चित करें तथा रैण्डम आधार पर दुकानों की चेकिंग करते हुए मदिरा का नमूना लेकर क्षेत्रीय /
केन्द्रीय प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे जाय। दुकानों के खुलने के नियत समय से पूर्व एवं पश्चात दुकानों के अनुज्ञापियों / विक्रेताओं द्वारा मदिरा, संलग्न कैन्टीन से
ओवर रेट पर स्वयं बेचे जाने अथवा कैन्टीन संचालकों से विक्रय कराये जाने की शिकायतें भी प्राप्त होती हैं। नियम विरुद्ध ढंग से मदिरा की इस प्रकार की बिक्री में कैन्टीन
संचालकों अथवा विक्रेताओं द्वारा अवैध/मिलावटी मदिरा की बिक्री किये जाने की सम्भावना अधिक होती है। ऐसी स्थिति में निर्देशित किया है कि समय से पूर्व एवं समय के पश्चात्
कैन्टीन से वैध अथवा अवैध किसी प्रकार की मदिरा की बिक्री कदापि न हो पाये।
देशी/विदेशी मदिरा / बीयर एवं माडल शाप की फुटकर बिक्री की दुकानों पर ओवर रेट के सम्बन्ध में रैण्डम टेस्ट परचेज स्वयं, आबकारी एवं प्रशासन की संयुक्त टीम
द्वारा कराई जाय। साथ ही ओवर रेट की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल टीम भेजकर शिकायतकर्ता से सम्पर्क कर शिकायत की सघन जाँच कराये और शिकायत की पुष्टि पायें
जाने पर विक्रेता एवं अनुज्ञापन के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाय। दुकानों पर लगे हुए सी.सी.टी.वी. कैमरों के सुचारु रुप से निरन्तर क्रियाशील
रहते हुए रियल टाइम मानिटरिंग की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। अवैध मदिरा के पकड़े गये कई अभियोगों में भारी मात्रा में नकली ढक्कन, नकली रैपर, नकली क्यू०आर०कोड
आदि की बरामदगी की गयी है। इस सम्बन्ध में आसवनियों को उपरोक्त सामग्री की आपूर्ति किये जाने वाले आर्पूतकों पर भी निगरानी रखी जाय। असेवित क्षेत्रों तथा ऐसे स्थानों
जहाँ पर मदिरा की दुकाने अव्यवस्थित है, वहाँ पर अवैध करोबार की सम्भावना को दृष्टिगत रखते हुए सतर्क निगरानी रखी जाय। एफ. एल-16/17 एवं एफ. एल. 39,40 तथा
41 अनुज्ञापनों तथा पेन्ट, थिनर तथा वार्निश की दुकानों पर सतर्क निगरानी रखी जाय तथा यथावश्यकतानुसार पेन्ट, थिनर तथा वार्निश की दुकानों से नमूना लेकर उसकी जाँच
भी कराई जाय। जनपद स्तर से कबाड़ियों की उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर सूची से सम्मिलित कबाडियों पर भी निरन्तर उनके कार्य कलापों पर भी निगरानी रखी
जाय। अवैध मदिरा का सेवन न करने एवं अवैध शराब के अड्डों की सूचना देने के सम्बन्ध में इसका व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाय। अनुज्ञापियों तथा विक्रेताओं की
गतिविधियों पर निरन्तर निगरानी रखी जाय। अवैध मदिरा के निर्माण एवं बिक्री के कई प्रकरण बन्द पडी फैक्ट्रियों में पकडे गये है, ऐसी बन्द पड़ी फैक्ट्रियों को चिन्हित कर उन
पर सतत् सतर्क दृष्टि रखी जाय। जिन क्षेत्रों में आसवनियां स्थित है, उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाये ताकि उनसे अल्कोहल चोरी की सम्भावना न हो। मिथाइल
अल्कोहल के नियंत्रण के लिये आयुक्तालय द्वारा पूर्व में निर्गत आदेशों का कड़ाई से शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय एवं दुखद घटनाओं से बचा जा सकें।
अल्कोहलयुक्त औषधियों एवं टिंचर का शराब के रुप में दुरुपयोग को रोकने के लिए ड्रग विभाग के सहयोग से ऐसे दुकानों का निरीक्षण कर नमूने आहरित किये जायें और
जाँच में सब स्टैण्डों पाये जाने पर उनका अनुज्ञापन निरस्त करने की कार्यवाही ड्रग विभाग से करायी जाय। प्रदेश स्तर पर संचालित टोल फ्री नम्बर-14405 तथा व्हाट्सअप
नम्बर 9454466019 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय ताकि आम जन बिना किसी भय के इन नम्बरों पर अवैध मदिरा के निर्माण एवं बिक्री की सूचना दी जा सके।
जिन आबकारी दुकानों पर उक्त नम्बरों की अंकित नहीं कराया गया है तत्काल उन दुकानों पर उक्त नम्बरों का अंकन सुनिश्चित किया जाय। अन्य प्रान्तों की सीमा से लगे जनपदों
में विशेष सतर्कता बरती जाय एवं नियमित रुप से रोड चेकिंग कराई जाय, जिससे कि किसी भी दशा में अवैध मदिरा की तस्करी न होने पाए।



