धर्म व अध्यात्म ज्ञान से सम्भव है माता पिता की सेवा – आचार्य कन्हैया लाल पाठक

जिला संवाददाता, विनय मिश्र,देवरिया।
बरहज : क्षेत्र के बारीपुर स्थित पानपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन सोमवार को कथा ब्यास पंडित कन्हैयालाल पाठक ने भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलाओ का वर्णन किया कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए । उन्होंने भक्त प्रहलाद प्रसंग पर कहा कि भक्त प्रहलाद कयाधु के गर्भ में ही नारायण का नाम सुना था जिसके सुनने मात्र से भक्त प्रहलाद का कष्ट दूर हो गया। उन्होंने कहा कि बच्चो को धर्म का ज्ञान बचपन में ही दिया जाना चाहिए जिससे वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता रहे बच्चो को धर्म व अध्यात्म का ज्ञान देकर ही माता पिता की सेवा व समाज में रहने की प्रेरणा दी जाती है अच्छे संस्कारो के कारण ही ध्रुव जी को पाँच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर मुख्य यजमान अंबिका सिंह , दुर्गावती सिंह , विजय उपाध्याय, अशोक शाही, रविन्द्र शाही, मार्कण्डेय सिंह, चन्द्र भूषण शाही, सुधाकर पाण्डेय सहित अन्य श्रद्धालु भक्तजन काफी संख्या में उपस्थित रहे ।



