राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार : तीन चरण की प्रक्रिया से चुने जांएगे 50 शिक्षक
National Teacher Awards: 50 teachers to be selected in three-phase process
नई दिल्ली, 2 जुलाई: राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाने वाले राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2024 की प्रारंभिक प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसके लिए पात्र शिक्षकों से ऑनलाइन स्व-नामांकन शिक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर आमंत्रित किए जा रहे हैं। स्व-नामांकन 27 जून से 15 जुलाई तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं। इस वर्ष, 50 शिक्षकों को तीन-चरणीय चयन प्रक्रिया के माध्यम से चुना जाएगा। यह चयन प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर होगी। यह पुरस्कार 5 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले एक समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाएगा।शिक्षा मंत्रालय का विद्यालयी शिक्षा और साक्षरता विभाग हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर एक राष्ट्रीय स्तर का समारोह आयोजित करता है। इसमें कठिन, पारदर्शी और ऑनलाइन चयन प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाते हैं।इस संबंध में जानकारी देते हुए मंगलवार को शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के अनूठे योगदान को जश्न के रूप में मनाना है। साथ ही उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से न सिर्फ विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध बनाया है। इस पुरस्कार के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी हैं।
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन, स्थानीय निकायों और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूलों द्वारा संचालित मान्यता प्राप्त प्राथमिक/मध्य/उच्च/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत विद्यालय शिक्षक और विद्यालय प्रमुख पुरस्कार के लिए पात्र हैं।केंद्रीय विद्यालय (केवी), जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी), रक्षा मंत्रालय (एमओडी) द्वारा संचालित सैनिक स्कूल, परमाणु ऊर्जा शिक्षा सोसायटी (एईईएस) द्वारा संचालित विद्यालय और जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) भी इस पात्रता के अंतर्गत आते हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) से संबद्ध विद्यालयों के लिए भी यह मान्य है।



