लगाए गए पौधों को बचाना जरूरी, लाखों में लगते हैं, हजार ही बचते हैं

 

 

रिपोर्टर अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स

 

 

 

 

 

बलिया में 2019, 2020 एवं 2021 में क्रमश: 35.18, 31.00, 23.98 एवं 43.16 लाख पौधे लगाए गए थे। लेकिन उचित रख-रखाव एवं संरक्षण के अभाव में इनमें से आधे से अधिक सूख गए, जिससे पौधरोपण का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

पर्यावरणविद् डॉ.गणेश कुमार पाठक ने कहा कि लगाए गए पौधों का संरक्षण जरूरी है। वन न केवल मानव जीवन के लिए बल्कि प्रत्येक जीव-जंतुओं तथा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी में संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि वनों की सुरक्षा एवं संरक्षा का सनातन संस्कृति में विधान है। वैदिक ग्रंथों में वन महोत्सव मनाने का उल्लेख मिलता है। वनों के विनाश का चतुर्दिक दुष्प्रभाव दिखाई देने लगा है। शास्त्रों में पौधरोपण को ””ब्राह्मण पर्व”” की संज्ञा दी जाती है। इसे ‘ब्रह्म कर्म’ के समान मानकर महत्व प्रदान किया गया है। कहा कि बलिया में तो प्राकृतिक वनस्पतियां शून्य हैं, जो मानव रोपित वनस्पतियां हैं, वो कुल भूमि के मात्र 1.54 प्रतिशत हैं।

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