आजमगढ़:पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह में जब मिर्जा आतिफ शादाब फलाही ने रखी अपनी बात, तो शिक्षा और खेल को बताया चोली और दामन का साथ
बच्चों के मानसिक और शारीरिक प्रशिक्षण के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का किया गया आयोजन

हमीद एजूकेशनल एवं स्पोर्ट्स सोसायटी बिलरियागंज की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को किया गया पुरुस्कृत
Azangarh:
रिपोर्ट:रोशन लाल
आजमगढ़:9 अगस्त शुक्रवार को अस्र की नमाज के बाद मस्जिद बाजार खास बिलरयागंज में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया।80 बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें सभी बच्चों को पुरस्कार दिया गया।बच्चों को सामाजिक कार्यकर्ता जनाब मुहम्मद आसिफ साहब, मौलाना मोइनुद्दीन फलाही, मास्टर कफील साहब, मौलवी फजलुर रहमान ताहिर, ओमैस आजमी, हाफिज अबुलआस, जावेद अहमद, मुहम्मद शाहान , मोहम्मद अरकम के हाथों पुरस्कार मिला।इस मौके पर मस्जिद बाजार खास बिलरियागंज के इमाम मिर्जा आतिफ शादाब फलाही ने सभी बच्चों को बधाई दी और बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि बच्चों के नैतिक प्रशिक्षण के साथ-साथ उनका मानसिक और शारीरिक प्रशिक्षण भी जरूरी है. शिक्षा और खेल का चोली दामन का साथ है। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य ज्ञान, आलोचनात्मक सोच और जिज्ञासा पैदा करना है जबकि खेल, कला, साहित्य और अन्य ललित कलाएँ स्वभाव और व्यक्तित्व में टीम वर्क, प्रतिस्पर्धा पैदा करती है।
चूँकि प्रतियोगिता एवं पुरस्कार का आयोजन मुहम्मद अरक़म , ओमैस आज़मी, हाफ़िज़ अबुलआस, यासिर अरफात,मुहम्मद शाहान के प्रयासों से किया गया था, इस अवसर पर मुहम्मद अरक़म ने उपस्थित सभी अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों के नैतिक, शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण पर जोर दें , उन्हें निराश न होने दें, हमेशा अपने बच्चों को प्रोत्साहित करें और जब भी ऐसी प्रतियोगिताएं हों तो हमेशा अपने बच्चों को शामिल करें।मौलवी फजलुर रहमान ताहिर ने समारोह का संचालन किया।इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, बच्चे और युवा शामिल हुए।



