आजमगढ़:जल जीवन मिशन की कहानी अधिकारी वा ठिकेदार सरकार के उम्मीदों पर फेर रहे हैं पानी
Azamgarh: The story of Jal Jeevan Mission officials or contractors are turning water on the hopes of the government

अहरौला/आजमगढ़:बताते चले आपको की सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं में से एक जल जीवन मिशन बड़े तेजी से ही पूरे प्रदेश में काम कर रहा है प्रदेश के अंतर्गत आजमगढ़ जिले के अहरौला ब्लॉक में मिशन की कहानी इस प्रकार है कि जल जीवन मिशन की पाइप किसी-किसी गांव में आधे आधे गांव में पहुंच रही है और उसके ठेकेदार आधे आधे गांव में पाइप लाइन का काम ही नहीं करवा रहे हैं जिससे आधा गांव इस लाभ काटी योजना से वंचित रह जा रहा है और आधे गांव में पाइप लाइन बिछ रही है सरकार की इन कल्याणकारी योजना जल जीवन मिशन हर घर जल योजना के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना को अधिकारी व उसके ठेकेदार सिर्फ कागजों में ही सीमित रख रहे हैं जबकि जमीनी हकीकत या है कि आधा गांव तो इस योजना का लाभ ले रहा है लेकिन आधे गांव में पाइपलाइन ही नहीं दौड़ रही है ऐसे में भविष्य में होने वाली जल संकट का सामना इन ग्रामीणों को ही करना होगा जो इस योजना से ठेकेदार और अधिकारियों की वजह से वंचित रह जा रहे हैं इस योजना का जांच करने के लिए ना ही कोई अधिकारी गांव में आ रहा है ना इसका जायजा लिया जा रहा है जबकि हकीकत यह है कि इस योजना से गांव के कई घर वंचित रह जा रहे हैं ऐसे में इसका जिम्मेदार कौन इस योजना का काम करते हुए ठेकेदारों के द्वारा पीच रोड खड़ंजा या कच्ची रोड हो उसको भी बीच से पूरा काटकर पाइपलाइन को आर पार किया जा रहा है और उन पर लगे ईट इधर-उधर रख दिया जा रहा है या उल्टा सीधा लगा दिया जा रहा है जिससे आए दिन उस हुवे गड्ढे में फस कर के स्कूलों की गाड़ी पशुओं का उस गड्ढे में फस के गुर जाना व आम जनमानस का उनके द्वारा किए गए गड्ढे में फस कर गिर जाना गांव की सड़कों का आलम ऐसा हो गया है कि उसपर गाड़ी और साइकिल तो दूर की बात वहां पैदल चलना भी दुर्लभ हो चुका है । ऐसे में ना तो इनको किसी का डर है और ना इस योजना को हर घर तक पहुंचाने में कोई दिलचस्पी आखिर ऐसे में जिम्मेदार कौन है आखिर कब जागेंगे अधिकारी और कब तक आएगा हर घर नलों में पानी ।



