योगी सरकार उत्तर प्रदेश को एक बेहतर राज्य बनाने, बुनियादी ढांचे और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है

Yogi government is committed to making Uttar Pradesh a better state, promoting infrastructure and domestic products

 

लखनऊ:। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष तौर पर ध्यान दे रही है।

 

सीतापुर में बो-स्ट्रिंग गार्डर ब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसका निर्माण शारदा नहर के ऊपर तम्बौर से महमूदाबाद मार्ग पर होगा।उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड ने परियोजना पर कार्य शुरू करते हुए एजेंसी के निर्धारण और कार्यावंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे 22.86 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया जाएगा। इस परियोजना को 8 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।वहीं योगी सरकार गुणकारी खाद्य पदार्थों के व्यापार को भी बढ़ावा दे रही है। यूपी देश का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक राज्य है। देश में 520 चीनी मिलों से 119 उत्तर प्रदेश में हैं। करीब 48 लाख गन्ना किसानों में से 46 लाख से अधिक मिलों को अपने गन्ने की आपूर्ति करते हैं।इसे देखते हुए योगी सरकार ने गुड़ के उत्पादन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री योगी ने गुड़ को मुजफ्फरनगर और अयोध्या का ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) घोषित किया है। इसकी ब्रांडिंग के लिए मुजफ्फरनगर और लखनऊ में गुड़ महोत्सव का आयोजन भी किया गया।औषधीय गुणों से युक्त गुड़ लोगों को मिठास के साथ रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार गुड़ से यूपी में करीब ढाई लाख लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलता है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार गन्ना किसानों को गन्ने के विभिन्न उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। गुड़ के चॉकलेट, कैंडी, खीर बाजार में बेचे जा रहे हैं। ये स्वाद में भी बेहतर हैं और स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं।योगी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल से ही गन्ना किसानों के हित को केंद्र में रखा है। रिपोर्ट के अनुसार योगी सरकार गन्ना किसानों को अब तक 2.53 लाख करोड़ से अधिक का भुगतान कर चुकी हैं। गन्ना मूल्य भुगतान के साथ ही योगी सरकार ने सबसे पुरानी मिलों के आधुनिकीकरण और नई मिलों के स्थापना पर जोर दिया। इससे करीब दो दर्जन मिलों की क्षमता बढ़ गई है।योगी सरकार बागपत और मुजफ्फरनगर चीनी मिलों का आधुनिकीकरण करने की योजना बना रही है। इसमें मिलों की कार्यक्षमता में सुधार के साथ ही तकनीकी अपग्रेडेशन शामिल है। इसके लिए सीएम योगी ने विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं।हाल ही में हुई सरकार की एक उच्च स्तरीय बैठक में किसान सहकारी चीनी मिल बागपत की कार्यक्षमता में सुधार के लिए मार्जिनल विस्तार, तकनीकी अपग्रेडेशन और आधुनिकीकरण कार्य से संबंधित प्रस्ताव के लिए 84.77 करोड़ की लागत का अनुमान जताया गया है। साल 2024-25 के शासकीय बजट में 65 करोड़ के अनुदान के तहत निवेश का प्रावधान है।वहीं गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लि. मोरना, मुजफ्फरनगर की कार्यक्षमता में मार्जिनल विस्तार, तकनीकी अपग्रेडेशन और आधुनिकीकरण कार्य के लिए 88.02 करोड़ की प्रस्तावित लागत का अनुमान जताया गया है।

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