विधायक ने पुलिस को चकमा देकर किया जिला न्यायालय में आत्मसमर्पण
न्यायीक अभिरक्षा में उनको भेजा गया जिला कारागार एक दिन पूर्व पुलिस उनके पुत्र को गिरफतार कर भेज चुकी है जेल

रिपोर्ट अशरफ संजरी
भदोही। विधायक जाहिद बेग ने गुरुवार को दोपहर के समय ज्ञानपुर के सरपतहां में स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के दौरान उनके साथ वहां पर मौजूद पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की की गई। जिसकी वजह से विधायक न्यायालय परिसर में दो बार गिर पड़े। हालांकि वें सीजीएम कोर्ट में पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया। बाद में सीजीएम ने उनको जिला कारागार के लिए भेज दिया। पुलिस को चकमा देकर विधायक ने कोर्ट में सरेंडर किया।
विधायक जाहिद बेग के आवास पर 9 सितंबर को एक नाबालिग नौकरानी ने आत्महत्या कर ली थी। दूसरे दिन एक और नाबालिग सहायिका को उनके आवास से प्रशासन द्वारा छापेमारी कर मुक्त कराया था। पुलिस ने नौकरानी के सुसाइड मामले में विधायक जाहिद बेग और उनकी पत्नी पर आत्महत्या के लिए उकसाने एवं एक से अधिक बच्चों की तस्करी एवं बंधक बनाकर बाल श्रम कराने के मामले में एफआईआर दर्ज किया था। वहीं सुसाइड के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में उनके बेटे जईम बेग की संलिप्तता भी सामने आने पर पुलिस ने उसे बुधवार को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। पुलिस आरोपी विधायक एवं पत्नी की तलाश में जुटी थी। विधायक आज सीजीएम कोर्ट में सरेंडर करने के लिए पहुंचे।
जहां पर पहले से ही भारी मात्रा में पुलिस की तैनाती रहीं। बताते हैं कि कचहरी गेट पर पहुंचने के बाद पुलिस द्वारा विधायक से धक्का-मुक्की की गई। इस दौरान वे दो बार गिर पड़े। उनका चप्पल भी वही पर छूट गया। वह कोर्ट रुम से बाहर निकले तो नंगे पांव ही थे। विधायक के आत्मसमपर्ण की सूचना मिलते ही जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर सपाजनो की भारी भीड़ जमा हो गई थी। विधायक के जिला कारागार के लिए भेजे जाने तक सभी सपाजन वहीं पर मौजूद रहें। विधायक कोर्ट से बाहर आने के बाद बोलें कि मुझे न्यायालय पर भरोसा है। सरेंडर करने के दौरान पुलिस द्वारा मुझे खींचा गया और बदसलूकी की गई। मै अपराधी नहीं हूं और न जाने किसके इशारे पर पुलिस द्वारा ऐसा किया किया गया है। वहीं विधायक के अधिवक्ता तेज बहादुर यादव ने पुलिस पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस सब की शिकायत बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया, मानवाधिकार आयोग, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एवं उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से की जाएगी।



