महाकुंभ के दौरान भारतीयों ने साबित किया हम एक हैं : स्वामी अवधेशानंद गिरि

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वाराणसी, 25 फरवरी (आईएएनएस)। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के स्नान के साथ ही संगम नगरी प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ बुधवार को समाप्त हो जाएगा। जूना पंचदशनाथ पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि देश के सभी संप्रदाय के लोगों ने महाकुंभ में साबित किया है कि हम एक हैं।

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा, “महाकुंभ के दौरान भारतीयों ने साबित किया है कि भले ही हम अलग-अलग जाति और संप्रदायों से आते हों, लेकिन हम एक हैं। दुनिया भर के लोगों ने हमारी एकता देखी है, बिना किसी अव्यवस्था और अफरा-तफरी के हमारे अनुशासन से लोग वाकिफ हुए हैं। मुझे लगता है कि बिना किसी अव्यवस्था के महाकुंभ संपन्न होने जा रहा है। इस संस्कृति का कोई महान दिव्य पर्व है तो वह महाकुंभ है और इसकी पूर्णता काशी में होती है।”

उन्होंने कहा, “महाकुंभ के दौरान 62 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया, जिसके लिए मैं पीएम मोदी का आभार व्यक्त करता हूं। सीएम योगी के नेतृत्व में महाकुंभ अपनी ऊंचाइयों पर पहुंच पाया। महाकुंभ में शासन और प्रशासन ने बहुत ही अच्छी व्यवस्था की थी, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। महाकुंभ के समापन के दौरान भी महाकुंभ में प्रशासन मुस्तैद नजर आ रहा है।”

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा, “महाकुंभ के बाद वाराणसी में भी भक्त बड़ी संख्या में मौजूद हैं, जो उत्साह नहीं बल्कि हमारी एकता का प्रतीक है। महाशिवरात्रि के दिन दर्शन-पूजन के बाद इस महाकुंभ की विधियां समाप्त होंगी। परंपरा के अनुसार, पंचदशनाम जूना अखाड़ा दर्शन के लिए जाएगा और इसके साथ ही अन्य अखाड़े भी दर्शन के लिए जाएंगे। मैं इतना ही कहूंगा कि मानवता की अनमोल धरोहर महाकुंभ है और उसे हमने साकार किया है।”

–आईएएनएस

एफएम/एकेजे

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इनपुट. आईएएनएस के साथ

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