हिंदी समाज को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा : राजनाथ सिंह

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नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि हिंदी देश के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा है। उन्होंने रक्षा मंत्रालय की पत्रिका ‘सशक्त भारत’ के पहले संस्करण का विमोचन करते हुए यह बात कही।

राजनाथ सिंह ने दिल्ली के साउथ ब्लॉक में ‘सशक्त भारत’ के प्रथम संस्करण का विमोचन किया। यह रक्षा मंत्रालय की द्विवार्षिक हिंदी पत्रिका है। इस दौरान रक्षा मंत्री ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए राजभाषा प्रभाग, रक्षा मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।

मंत्रालय का कहना है कि इस पत्रिका का उद्देश्य रक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों की रचनात्मकता को प्रेरित करना और उन्हें हिंदी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसमें सशस्त्र बलों के जवानों की वीरता, देशभक्ति के किस्से और उनके बलिदान पर कविताएं शामिल हैं। साथ ही मंत्रालय के कर्मियों द्वारा सरकार की नीतियों पर लिखे गए लेख भी हैं।

मंत्रालय ने बताया कि इस पत्रिका में हर स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं और यह भावना समावेशिता एवं विविधता में एकता को प्रदर्शित करती है।

रक्षा मंत्री ने हिंदी को अपनाने और इसके प्रयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि हिंदी भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को जोड़ने वाला सूत्र है।

पत्रिका का ई-संस्करण रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।

‘सशक्त भारत’ के पहले संस्करण के विमोचन के मौके पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत उपस्थित थे।

–आईएएनएस

जीसीबी/एकेजे

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इनपुट. आईएएनएस के साथ

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