कभी मतदाताओं के बीच में जो छिड़कते थे बहुजन का सेंट वही सांसद दानिश अली पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कर दिए गए सस्पेंड

रिपोर्ट: रोशन लाल
उत्तर प्रदेश के अमरोहा के सांसद दानिश अली कभी बहुजन समाज पार्टी के लिए जनता के बीच में जाकर बसपा का गुणगान गया करते थे और अपनी महकती हुई बातों से लोगों को इस तरह से मदहोश कर देते थे कि लोग उनके लच्छेदार और अच्छे भाषणों से प्रभावित होकर उन्हें बसपा के रूप में एक प्रतिनिधि चुनते थे। किंतु आज पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्तता के आरोप के कारण उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है। जो पूरे यूपी में चर्चा का विषय बना हुआ है ।
बसपा सुप्रीमो मायावती की अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी ने अपने लोकसभा सांसद दानिश अली को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है. पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधयों में शामिल होने के आरोप में दानिश अली पर कार्रवाई की है।दानिश उत्तर प्रदेश के अमरोहा से लोकसभा सांसद हैं.
बीएसपी की ओर से शनिवार को जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि बीएसपी सांसद दानिश अली को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह आज 9 दिसंबर को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है.
दानिश अली के निलंबन को लेकर बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने पत्र के जरिए कहा, “आपको कई बार मौखिक रूप से कहा जा चुका है कि आप पार्टी की विचारधारा, नीतियों, और अनुशासन के खिलाफ किसी तरह की कोई बयानबाजी ना ही कोई काम करें, लेकिन निर्देशों के बाद भी आप लगातार पार्टी के खिलाफ काम करते रहे. ऐसे में पार्टी हित को देखते हुए आपको बीएसपी की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है.”
सतीश मिश्रा ने अपने पत्र में 2018 के वाकये का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2018 में आप (दानिश अली) एचडी देवगौड़ा की जनता पार्टी सेकुलर से जुड़े हुए थे और तब वहां के विधानसभा चुनाव में जनता दल सेकुलर तथा बीएसपी मिलकर चुनाव लड़ रहे थे. चुनाव के बाद देवगौड़ा के कहने पर दानिश अली को 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी के अमरोहा सीट से बीएसपी के टिकट से उतारा गया था. तब देवगौड़ा ने यह वादा किया था कि दानिश अली बीएसपी की नीतियों और निर्देशों का पालन करते रहेंगे. लेकिन बाद में दानिश अपने वादों को भूलते चले गए और पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में बने रहे.



