Azamgarh news:जिलाधिकारी की अध्यक्षता में भूकम्प/अग्नि आपदा के सम्बन्ध मंे टेबल टॉक एवं मॉक एक्सरसाइज का किया गया आयोजन

Under the chairmanship of the District Magistrate, a table talk and mock exercise was organized regarding earthquake/fire disaster.

आजमगढ़ 24 सितम्बर: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा भूकम्प/अग्नि आपदा के सम्बन्ध मंे टेबल टॉक एवं मॉक ड्रिल एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने एनडीआरएफ एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को भूकंप/अग्नि में फंसे व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समय-समय पर मॉक एक्सरसाइज कराने के निर्देश दिये।जिलाधिकारी ने कहा कि बैठक करने का उद्देश्य यह होता है कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने कार्याें के बारे में अवगत होते हुए आपदा के समय अपने विभाग से संबंधित आवश्यक कार्यवाही की जा सके। उन्होने कहा कि मॉक एक्सरसाइज करने से आपदा पूर्व तैयारियों को चेक किया जाता है, ताकि आपदा आने पर समय से रिस्पॉन्श  करते हुए मदद पहुंचायी जा सके। उन्होने निर्देश दिया कि स्कूलों में बच्चों को भूकम्प/अग्नि आपदा आने पर क्या-क्या सावधानी करनी है, इसके सम्बन्ध में जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने एनडीआरएफ एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारियों से आपदा के समय उनके द्वारा प्रयोग किये जाने वाले सहायता उपकरणों, फायर एक्स्टींग्यूसर आदि के सम्बन्ध में जानकारी लिया। उन्होंने कहा कि फायर एक्सटिंग्युसर के एक्सपायरी डेट की नियमित रूप से जांच करते रहें। उन्होने यह भी जानकारी लिया कि आपदा के समय फोन आने पर कितने समय में रिस्पॉन्श किया जाता है। उन्होने निर्देश दिया कि आपदा आने पर लोगों तक तत्काल सहायता पहंुच सके, इसके लिए एनडीआरफ एवं अग्निशमन विभाग के वाहनों के लिए पूरा रास्ता साफ रखें। अग्निशमन अधिकारी द्वारा विभाग में फायर फाइटर एवं वाहन चालकांे की कमी के सम्बन्ध में जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया। जिस पर जिलाधिकारी ने उक्त पदों पर नियुक्ति हेतु शासन को पत्र प्रेषित करने हेतु अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जितने भी अस्पताल, होटल, रेस्टोरेन्ट, स्कूल-कालेज, मल्टीप्लेक्स आदि बनाये जाते हैं, उनमें फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित करने हेतु निर्देशित किया जाए। उन्होने कहा कि जनपद में जितने भी पब्लिक बिल्डिंग संचालित हैं, वहां पर सुनिश्चित करें कि फायर सेफ्टी सिस्टम एक्टिव रहे। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि पेट्रोल पंपों पर भी आग लगने के दृष्टिगत फायर एक्सटिंग्विशर एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराये।एनडीआरएफ टीम के प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि आपदा की सूचना मिलने पर 15 मिनट के अंदर रेस्क्यू टीम द्वारा रिस्पांस कर दिया जाता है। इसके पश्चात कलेक्ट्रेट भवन पर भूकंप आपदा पर आधारित एनडीआरएफ एवं अग्निशमन विभाग द्वारा मॉक एक्सरसाइज की गयी। जिसके अन्तर्गत अचानक आपातकालीन घंटी बजी, लोगों को भूकंप आने की सूचना दी गयी। भूकंप के दौरान कलेक्ट्रेट बिल्डिंग के प्रथम तल पर अग्नि में फंसे लोगों को बचाने हेतु अग्निशमन विभाग को फोन से सूचना दी गयी। अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा सीढ़ियों के माध्यम से एक व्यक्ति जो घायल अवस्था में था, उसको नीचे लाया गया, और एम्बुलेंस के माध्यम से उसको उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के मार्ग दर्शन में मेगा मॉक ड्रिल अभ्यास का संपूर्ण नेतृत्व एनडीआरएफ के उप कमांडेंट प्रेम कुमार पासवान द्वारा संचालित किया गया। जिला कलेक्ट्रेट आजमगढ़ में 01 बजकर 10 मिनट पर अचानक  आपातकालीन घंटी बनजे पर लोगो को भूकंप आने की सूचना दी गई। क्योंकि भूकंप के दौरान घबराए नहीं जाता है। तत्पश्चात इसकी सूचना एनडीआरएफ टीम को दी गई, जो कि मौके पर निरीक्षक सुधीर कुमार की टीम घटना स्थल पर पहुंची और तुरंत ही बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया गया। एनडीआरएफ की सीएसएसआर टीम के बचावकर्ता अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए दीवार को काटकर पीड़ित तक पहुंचे, उनको फर्स्ट एड दिया और सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल के लिए रवाना किया। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट के सबसे ऊपरी तल पर फंसे रस्सी से बने रोपवे के माध्यम से स्ट्रेचर पर बांधकर एक बेहोश घायल व्यक्ति को नीचे लाया गया। तथा अस्पताल में ईलाज के लिए भेजा गया। एक और व्यक्ति तो घायल है एवं होश में है, उसको रस्सी के माध्यम से नीचे उतारा गया और मेडिकल पोस्ट में लाकर पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। अन्त में एनडीआरएफ की टीम द्वारा एक नवजात शिशु को अपने साथ रस्सी से बने रोपवे के माध्यम से सकुशल नीचे लाया गया। अपर जिलाधिकारी वि0/रा0  गम्भीर सिंह ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदाओं के दौरान राहत व बचाव कार्य की तैयारी जांचना एवं विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वय स्थापित करना था।इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर नरेन्द्र गंगवार, डीसी मनरेगा  राम उदरेज यादव, डीएफओ, एआरटीओ, जल निगम, सिंचाई, बाढ़ खण्ड, विद्युत, शिक्षा आदि संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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