मानवता की मिसाल:आज़मगढ़ एसपी डॉ. अनिल कुमार ने घायल की बचाई जान,फरिश्ता बनकर पहुंचे एसपी,समय पर इलाज से बची युवक की जान”
"फरिश्ता बनकर पहुंचे एसपी, समय पर इलाज से बची युवक की जान"

आज़मगढ़ जनपद में गुरुवार को उस समय हर किसी के मन में पुलिस के प्रति सम्मान और विश्वास और गहरा हो गया, जब जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. अनिल कुमार ने मानवता का परिचय देते हुए एक घायल व्यक्ति की जान बचाई।गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे एसपी डॉ. अनिल कुमार सदर अस्पताल से सिधारी की ओर जा रहे थे। तभी बैठौली और शंकरपुर तिराहे के बीच सड़क किनारे खून से लथपथ एक युवक उन्हें दिखाई दिया। वह किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने बिना एक पल गंवाए तत्काल अपना वाहन रुकवाया और घायल को स्वयं उठाकर अपने स्कॉर्ट वाहन में रखवाया। उन्होंने फौरन घायल को लाइफलाइन अस्पताल पहुंचाया और डॉक्टरों को बेहतर से बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में घायल व्यक्ति खतरे से बाहर बताया जा रहा है और उसके परिवारजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं।इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार न केवल एक सख्त और अनुशासित पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण रखने वाले प्रशासक भी हैं। जिस तत्परता से उन्होंने घायल की मदद की, वह आम जनता के लिए पुलिस की सकारात्मक और जिम्मेदार छवि को मजबूत करती है।जनपद के लोगों और सामाजिक संगठनों ने एसपी की इस सराहनीय पहल की जमकर प्रशंसा की है। सभी का कहना है कि ऐसे अधिकारी ही जनता और पुलिस के बीच विश्वास की कड़ी को और मजबूत बनाते हैं।



