कांग्रेस हो या बीजेपी सपा बसपा हो या आम ऐसे ही विधायक पार्टियों को करते हैं बदनाम
मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का भाजपा विधायक पर लगा स्मत,लूटने का आरोप एमपी एम एल ए कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन 15 दिसंबर को सुनाया जाएगा एफैसला ।

रिपोर्ट: रोशन लाल
सोनभद्र जिला की एक बहन ने जब चार नवंबर 2014 को अपनी अस्मत लुटने और लगातार एक साल से धमकी की बात चीख-चीख कर अपने भाई को बताई तब भाई के पैर के नीचे से जमीन खिसक गई और उसने इस अपमान का बदला लेने का संकल्प लिया। बताया जाता है कि अस्मत लूटने वाला कोई और नहीं अपितु तत्कालीन प्रधानपति और वर्तमान में दुद्धी का भाजपा विधायक रामदुलारे गोंड है।न्यायालय में मामला विचाराधीन होने पर विधायक ने पीड़ित पक्ष को 40 लाख रुपये देने तक की लालच दी और समझौता का तमाम प्रयास किया, लेकिन गरीबी और लाचारी के बीच पल रहा पीड़ित परिवार अपने संकल्प के नाते लालच के आगे डिगा नहीं। इसका परिणाम रहा कि विधायक को पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी पाया और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।पूरे मुकदमे की पैरवी कर रहे पीड़िता के भाई ने बताया कि जब रामदुलारे गोंड की पत्नी प्रधान थी तब गोड़ ने उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया था। मुकदमा दर्ज होने और न्यायालय में विचाराधीन होने के काफी समय तक वह किसी तरह की पैरवी नहीं कर रहा था, लेकिन जब वह विधायक चुना गया तो उसने मामला खत्म करने और समझौता करने के लिए 40 लाख रुपये देने की पेशकश की थी।पीड़िता के भाई का कहना था कि उसने बहन की जहां शादी किया है, वहां तक विधायक ने समझौते के लिए धमकी दिलवाई थी। इस पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता विकास शाक्य का कहना है कि न्यायालय ने विधायक को दोषी करार दिया है। 15 दिसंबर को न्यायालय सजा की अवधि मुकर्रर करेगा।



