Azamgarh News: आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय “स्कूलों में लापरवाही पर BSA सख्त: कहीं खाली क्लासरूम, तो कहीं उम्मीद की किरण बनी एक शिक्षिका” आजमगढ़ जनपद में मंगलवार का दिन बिलरियागंज शिक्षा क्षेत्र के लिए आत्ममंथन का दिन बन गया, जब जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजीव पाठक खुद हकीकत जानने ज़मीनी स्तर पर स्कूलों में पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया, बल्कि कुछ जगहों पर उम्मीद की किरण भी दिखाई दी। प्राथमिक विद्यालय पाती बुजुर्ग में सभी शिक्षक तो समय से मौजूद मिले, लेकिन बच्चों की खाली पड़ी कुर्सियां बहुत कुछ बयां कर रही थीं। 79 नामांकित छात्रों के मुकाबले महज 17 बच्चों की उपस्थिति ने शिक्षा के प्रति घटती रुचि और व्यवस्था की खामियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। वहीं, प्राथमिक विद्यालय देवा बिनदवल में शिक्षा मित्र सरोज यादव की अनुपस्थिति ने लापरवाही की एक और परत खोल दी। स्कूल में मौजूद शिक्षक पढ़ाने के बजाय आपस में बातचीत करते नजर आए, जिस पर बीएसए का गुस्सा फूट पड़ा और मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई गई। प्राथमिक विद्यालय तोहफापुर की स्थिति भी कुछ अलग नहीं रही। यहां दो शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित मिले, जिसके बाद तत्काल नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। लेकिन इसी निरीक्षण के दौरान एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई, जिसने उम्मीद की लौ जला दी। प्राथमिक विद्यालय हरखूपुर में अध्यापिका आरती यादव बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाती हुई मिलीं। उनकी शिक्षण शैली, गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को जोड़ने का प्रयास और कक्षा में बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने बीएसए का दिल जीत लिया। उन्होंने खुलकर उनकी सराहना की और इसे अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा बताया। सबसे चिंताजनक स्थिति प्राथमिक विद्यालय गांगेपुर में देखने को मिली, जहां चार में से तीन शिक्षक गायब थे और एक मेडिकल लीव पर। पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल शिक्षा मित्र रीता देवी और कुसुम यादव के कंधों पर थी। यह स्थिति देखकर बीएसए ने गहरी नाराजगी जताई और इसे शिक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया। निरीक्षण के अंत में राजीव पाठक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो कठोर कार्रवाई तय है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जहां बिलरियागंज खंड शिक्षा अधिकारी ही हमेशा गायब रहते हैं वहां शिक्षा व्यवस्था कैसी रहेगी बिलरियागंज खंड शिक्षा अधिकारी का फोन भी नहीं उठाता। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने कहा कि यह निरीक्षण सिर्फ कमियों को उजागर करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जहां लापरवाही है वहां सख्ती होगी, और जहां मेहनत है वहां सराहना भी मिलेगी।

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

“स्कूलों में लापरवाही पर BSA सख्त: कहीं खाली क्लासरूम, तो कहीं उम्मीद की किरण बनी एक शिक्षिका”

आजमगढ़ जनपद में मंगलवार का दिन बिलरियागंज शिक्षा क्षेत्र के लिए आत्ममंथन का दिन बन गया, जब जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजीव पाठक खुद हकीकत जानने ज़मीनी स्तर पर स्कूलों में पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया, बल्कि कुछ जगहों पर उम्मीद की किरण भी दिखाई दी।

प्राथमिक विद्यालय पाती बुजुर्ग में सभी शिक्षक तो समय से मौजूद मिले, लेकिन बच्चों की खाली पड़ी कुर्सियां बहुत कुछ बयां कर रही थीं। 79 नामांकित छात्रों के मुकाबले महज 17 बच्चों की उपस्थिति ने शिक्षा के प्रति घटती रुचि और व्यवस्था की खामियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।

वहीं, प्राथमिक विद्यालय देवा बिन्दवल में शिक्षा मित्र सरोज यादव की अनुपस्थिति ने लापरवाही की एक और परत खोल दी। स्कूल में मौजूद शिक्षक पढ़ाने के बजाय आपस में बातचीत करते नजर आए, जिस पर बीएसए का गुस्सा फूट पड़ा और मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई गई।

प्राथमिक विद्यालय तोहफापुर की स्थिति भी कुछ अलग नहीं रही। यहां दो शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित मिले, जिसके बाद तत्काल नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया।

लेकिन इसी निरीक्षण के दौरान एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई, जिसने उम्मीद की लौ जला दी। प्राथमिक विद्यालय हरखपुर में अध्यापिका आरती यादव बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाती हुई मिलीं। उनकी शिक्षण शैली, गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को जोड़ने का प्रयास और कक्षा में बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने बीएसए का दिल जीत लिया। उन्होंने खुलकर उनकी सराहना की और इसे अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा बताया।

सबसे चिंताजनक स्थिति प्राथमिक विद्यालय गांगेपुर में देखने को मिली, जहां चार में से तीन शिक्षक गायब थे और एक मेडिकल लीव पर। पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल शिक्षा मित्र रीता देवी और कुसुम यादव के कंधों पर थी। यह स्थिति देखकर बीएसए ने गहरी नाराजगी जताई और इसे शिक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया।

निरीक्षण के अंत में राजीव पाठक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो कठोर कार्रवाई तय है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जहां बिलरियागंज खंड शिक्षा अधिकारी ही हमेशा गायब रहते हैं वहां शिक्षा व्यवस्था कैसी रहेगी बिलरियागंज खंड शिक्षा अधिकारी का फोन भी नहीं उठाता।

बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने कहा कि यह निरीक्षण सिर्फ कमियों को उजागर करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जहां लापरवाही है वहां सख्ती होगी, और जहां मेहनत है वहां सराहना भी मिलेगी।

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