Azamgarh News: उ०प्र० शासन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उगम अनुभाग-2 के शासनादेश द्वारा “मुख्यमंत्री युवा उन्नमी विकास अभियान (Mukhyamantri YUVA)” का प्रख्यापन किया गया है।

आजमगढ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

  • उ०प्र० शासन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उगम अनुभाग-2 के शासनादेश द्वारा “मुख्यमंत्री युवा उन्नमी विकास अभियान (Mukhyamantri YUVA)” का प्रख्यापन किया गया है।

उपायुक्त उद्योग आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया है कि योजनांतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उगमों को गति प्रदान करते हुये इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने एवं इस क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार सृजित किये जाने तथा प्रदेश में पूँजी निवेश को आकर्षित करने हेतु प्रतिवर्ष 01 लाख नई सूक्ष्म इकाईयों स्थापित किये जाने के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में आगामी 10 वर्षों की समयावधि में कुल 10 लाख नई सूक्ष्म इकाईयों स्थापित किये जाने के महत्वपूर्ण उ‌द्देश्य की पूर्ति हेतु यह एक महत्वाकांक्षी नई योजना “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (Mukhyamantri YUVA)” का प्रतिपादन किया गया है। इस प्रकार योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के शिक्षित व प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजित करना है।

 

*योजनांतर्गत पात्रता की शर्तें:-*

 

1-आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी हो।

 

2-आवेदक की आयु सीमा 21 वर्ष से 40 वर्ष हो।

 

3-आवेदक की शैक्षिक योग्यता न्यूनतम कक्षा 8 उत्तीर्ण हो। इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण अथवा समकक्ष को वरीयता दी जायेगी।

 

4-आवेदक सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण योजनाओं जैसे विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछडा वर्ग प्रशिक्षण योजना, उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेन्ट मिशन द्वारा संचालित कौशल उन्नयन आदि में प्रशिक्षित हो अथवा किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय / शैक्षणिक संस्थान से कौशल संबंधी सर्टीफिकेट कार्स/डिप्लोमा/डिग्री प्राप्त हो।

1-उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की अधिकतम रू0 5.00 लाख तक की परियोजनाओं के ऋण पर अनुदान निर्धारित किया जायेगा।

2- रु0 5.00 लाख से अधिक रू0 10.00 लाख तक परियोजना लागत वाली इकाईयो में ऋण वित्त की व्यवस्था लाभार्थी को स्वयं के श्रोतों से करनी होगी, जिसके सापेक्ष कोई अनुदान देय नही होगा।

 

3-लाभार्थी को परियोजना लागत अथवा अधिकतम रु० 5.00 लाख, जो भी कम हो, का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में दिया जायेगा। यह अनुदान बैंक इण्डेड होगा।

 

4-परियोजना लागत अथवा अधिकतम रू0 5.00 लाख, जो भी कम हो, के सापेक्ष बैंक/वित्तीय संस्था से लिये गये ऋण के शत प्रतिशत व्याज का उपादान वित्त पोषण की तिथि से अगले 4 वर्षों तक राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।

 

5-परियोजना स्थापित न करने अथवा 4 वर्षों की समयावधि में परियोजना बन्द होने की स्थिति में मार्जिन मनी सब्सिडी की धनराशि वापस ले जी जायेगी। यह सब्सिडी इकाई के 4 वर्षों तक कार्यरत होने के उपरान्त उसक खाते में समायोजित की जायेगी।

 

6-आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों (पूर्वाचल क्षेत्र) के लाभार्थियों / आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा।

योजना की और विस्तृत जानकारी हेतु कर्यालय-जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, आजमगढ़ में संपर्क स्थापित कर सकते है. एवं दुरभाष सं० 8808123450, 7754971315 पर भी संपर्क कर सकते है।*

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