Azamgarh News: जनपद आजमगढ़ में पर्यटन योजनाओं की प्रगति/उपलब्धि के विवरण पर आधारित विशेष लेख

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय

जनपद आजमगढ़ में पर्यटन योजनाओं की प्रगति/उपलब्धि के विवरण पर आधारित विशेष लेख

आस्था, विरासत और विकास का संगम: आजमगढ़ पर्यटन के नए युग की ओर अग्रसर*

जनपद आजमगढ़ की विभिन्न विधानसभाओं में स्थित 11 प्राचीन स्थलों के जीर्णोद्धार एवं वहां बुनियादी सुविधायंे सृजित करने के लिए 13 करोड़ 19लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत*

 

*आस्था के साथ विकास की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का हरसंभव प्रयास-जिलाधिकारी*

 

 

*पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए क्षितिज पर जनपद आजमगढ़*

 

 

*धार्मिक स्थलों को मिलेगा नया स्वरूप,ईको-टूरिज्म की दिशा में ऐतिहासिक पहल -डीएम रविंद्र कुमार*

 

*स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल,पर्यटन मानचित्र पर उभरता आजमगढ़*

 

 

 

आजमगढ़, 30 अप्रैल 2026 — पूर्वांचल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में आजमगढ़ जनपद तेजी से आगे बढ़ रहा है। मा० जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यह जनपद पर्यटन विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर उन्हें पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना पर तेजी से काम हो रहा है।

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य योजनान्तर्गत आजमगढ़ जनपद के लिए 11 महत्वपूर्ण पर्यटन विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के लिए कुल 13 करोड़ 19 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई, जिसके सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 5 करोड़ 95 लाख रुपये निर्गत किए जा चुके हैं। यह निवेश न केवल धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे के विकास को गति देगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।

 

 

*धार्मिक स्थलों को मिलेगा नया स्वरूप*

 

इन परियोजनाओं के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में स्थित प्राचीन और पौराणिक महत्व के स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। विधानसभा सगड़ी के अंतर्गत कैवल्य धाम शिव मंदिर, साल्हेपुर (उमरौहा, अजमतगढ़) के विकास के लिए 52.34 लाख रुपये की स्वीकृति के सापेक्ष 31 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की गई है। यह स्थल स्थानीय आस्था का केंद्र रहा है, जहां अब श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

 

विधानसभा मुबारकपुर के ग्राम सभा डिलिया (सठियांव) स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के विकास हेतु 49.81 लाख रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 37 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसी तरह विधानसभा लालगंज के ग्राम ढेकवा (बरदह) स्थित बह्मबाबा स्थल के विकास के लिए 98.13 लाख रुपये में से 75 लाख रुपये की पहली किश्त प्रदान की गई है।

 

विधानसभा सगड़ी के अंतर्गत नगर पंचायत अजमतगढ़ स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के लिए 82.27 लाख रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 50 लाख रुपये जारी किए गए हैं। वहीं फूलपुर-पवई विधानसभा के अंतर्गत दुर्वासा ऋषि आश्रम के लिए 58.33 लाख रुपये की स्वीकृति के सापेक्ष 35 लाख रुपये की पहली किश्त प्रदान की गई है। यह आश्रम पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके विकास से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

 

*समग्र विकास की दिशा में ठोस कदम*

 

विधानसभा सदर क्षेत्र में नगर पालिका परिषद के अंतर्गत एकलव्य स्थल एवं भगवान शंकर जी स्थान के विकास हेतु 98.95 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 74 लाख रुपये जारी हो चुके हैं। इसी प्रकार निजामाबाद विधानसभा के दत्तात्रेय आश्रम के लिए 71.57 लाख रुपये में से 43 लाख रुपये की पहली किश्त दी गई है।

 

फूलपुर-पवई क्षेत्र के गढ़वा हनुमान मंदिर के लिए 135.63 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 101 लाख रुपये जारी किए गए हैं। यह बड़ी परियोजनाओं में से एक है, जो इस क्षेत्र को प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित कर सकती है।

 

विधानसभा दीदारगंज के ग्राम सभा बंधना इस्लाम में स्थित श्री शिवधाम बंधवा महादेव पातालपुरी मंदिर के विकास के लिए 73.36 लाख रुपये में से 56 लाख रुपये जारी किए गए हैं। वहीं गोपालपुर विधानसभा के बिलरियागंज विकास खंड के ग्राम वर्जी हजियापुर स्थित तेजबर बाबा मंदिर के लिए 98.27 लाख रुपये में से 73 लाख रुपये की पहली किश्त प्रदान की गई है।

*ईको-टूरिज्म की दिशा में ऐतिहासिक पहल*

इन सभी परियोजनाओं के अतिरिक्त, विधानसभा सदर क्षेत्र के अंतर्गत स्थित चन्द्रमा ऋषि आश्रम, सिलनी के समग्र विकास के लिए ईको-टूरिज्म परियोजना के तहत 5 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के तहत प्रथम किश्त के रूप में 20 लाख रुपये जारी किए गए हैं। यह पहल न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक सौंदर्य के संतुलन के साथ पर्यटन के नए मॉडल को भी प्रस्तुत करेगी। चन्द्रमा ऋषि आश्रम का विकास आजमगढ़ को एक शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

*स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल*

पर्यटन विकास की इन परियोजनाओं का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। निर्माण कार्यों के दौरान रोजगार के अवसर सृजित होंगे, वहीं परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में भी वृद्धि होगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर*

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि मा० मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में प्राचीन धार्मिक स्थलों को नया स्वरूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से “आस्था के साथ विकास” की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सभी कार्यों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) को सौंपी गई है और उन्हें निर्देशित किया गया है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं। जिलाधिकारी स्वयं भी इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की लापरवाही या देरी न हो।

पर्यटन मानचित्र पर उभरता आजमगढ़*

आजमगढ़ का यह व्यापक पर्यटन विकास कार्यक्रम जनपद को उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यहां के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर एक समग्र पर्यटन अनुभव प्रदान करने की योजना बनाई गई है।

यह पहल न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि जनपद की समृद्ध विरासत को भी नई पहचान देगी। आने वाले समय में आजमगढ़ न केवल पूर्वांचल, बल्कि पूरे प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल करेगा।

 

आजमगढ़ में पर्यटन विकास की यह मुहिम एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को सम्मान देती है, बल्कि विकास और समृद्धि के नए द्वार भी खोलती है।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से आजमगढ़ जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, वह निश्चित रूप से इसे एक आदर्श पर्यटन जनपद के रूप में स्थापित करेगा। आने वाले वर्षों में यह जनपद पर्यटन, संस्कृति और विकास का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरेगा।

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