Azamgarh News: मानवाधिकार आयोग प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी, उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई,सीएमओ

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

मानवाधिकार आयोग प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी, उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई,सीएमओ

आजमगढ़, उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग में दर्ज शिकायत के संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी विस्तृत जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि उपलब्ध अभिलेखों, स्थलीय निरीक्षण और चिकित्सकीय तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार ग्राम एवं पोस्ट गोंठीपुर, थाना अतरौलिया निवासी विरेंद्र मौर्य पुत्र प्रहलाद मौर्य द्वारा मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिलाधिकारी के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अब्दुल अज़ीज़, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी (निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान) डॉ. आलेंद्र कुमार तथा जिला प्रशासनिक अधिकारी दिलीप प्रदीप सिंह को शामिल किया गया था।

सीएमओ ने बताया कि जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों, संबंधित स्थल की वर्तमान स्थिति, पंजीकरण अभिलेखों तथा उपलब्ध चिकित्सकीय तथ्यों का परीक्षण किया गया।

जांच समिति द्वारा स्थलीय निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि अतरौलिया बाजार क्षेत्र में “जय गुरुदेव हड्डी अस्पताल” नाम से वर्तमान में कोई चिकित्सालय अथवा क्लीनिक संचालित नहीं पाया गया। समिति की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि शिकायत से संबंधित प्रतिष्ठान को पूर्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नियमानुसार सील किया जा चुका था।

निरीक्षण के दौरान उक्त स्थल पर “अनामी अर्थो क्लीनिक” संचालित पाया गया, जिसके संबंध में सामान्य ओपीडी सेवाओं हेतु सक्षम कार्यालय से जारी पंजीकरण अभिलेख प्रस्तुत किए गए। जांच के समय क्लीनिक पर एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. सत्येंद्र कुमार की उपस्थिति भी पाई गई। समिति ने स्पष्ट किया कि क्लीनिक सामान्य ओपीडी सेवाओं के लिए पंजीकृत है।

जांच आख्या में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिकायतकर्ता के कुछ आरोप मेडिकल स्टोर संचालन, दवा लाइसेंस और औषधि संबंधी विषयों से जुड़े हैं, जिनकी जांच औषधि विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है। इस संबंध में संबंधित विभाग से आवश्यक तथ्य एवं रिपोर्ट मांगी गई है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि शिकायत में वर्णित चिकित्सकीय उपचार, कथित लापरवाही और अन्य गंभीर बिंदुओं की पृथक समीक्षा कराई जा रही है। यदि किसी स्तर पर चिकित्सकीय मानकों के उल्लंघन, अनियमितता अथवा दोष की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पीड़ित परिवार की संवेदनाओं के प्रति पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है। जनपद में सुरक्षित, पारदर्शी एवं मानकयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही निजी चिकित्सालयों, क्लीनिकों और मेडिकल प्रतिष्ठानों की नियमित जांच एवं सत्यापन की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button