Azamgarh news :शिक्षा दिवस पर स्व गणना अभियान को मिला व्यापक जनसमर्थन
शिक्षा दिवस पर स्व गणना अभियान को मिला व्यापक जनसमर्थन

डीएवी इंटर कॉलेज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक एवं कर्मचारी हुए शामिल
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जनगणना 2027 के अंतर्गत संचालित स्व गणना अभियान को गति प्रदान करने हेतु शिक्षा दिवस के अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़ द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस क्रम में डी0ए0वी0 इंटर कॉलेज, आजमगढ़ में विशेष कैम्प लगाकर तथा गूगल मीट के माध्यम से बैठक आयोजित कर लगभग एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को स्व गणना अभियान से जोड़ा गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्व गणना की प्रक्रिया, उसके महत्व एवं डिजिटल माध्यम से जनगणना पूर्ण करने की विधि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। सभी से अपील की गई कि वे स्वयं अपनी स्व गणना अवश्य पूर्ण करें तथा अपने परिवार, पड़ोस एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
विद्यालय परिसर में स्व गणना अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं द्वारा निबंध प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से जनगणना के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। वहीं नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को स्व गणना के प्रति जागरूक करते हुए डिजिटल जनभागीदारी का संदेश दिया गया।
इसके अतिरिक्त विद्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित कर लोगों को स्व गणना पोर्टल पर पंजीकरण एवं विवरण भरने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। हेल्प डेस्क पर उपस्थित कर्मियों द्वारा आमजन को तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया गया, जिससे लोग आसानी से अपनी स्व गणना पूर्ण कर सकें।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि जनगणना 2027 के सफल संचालन में शिक्षा विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक समाज में जागरूकता फैलाने के प्रभावी माध्यम हैं और उनके सहयोग से स्व गणना अभियान को और अधिक व्यापक बनाया जा सकता है।
उन्होंने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जनगणना 2027 के इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अधिक से अधिक लोगों को स्व गणना हेतु प्रेरित करें, जिससे सटीक एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों के माध्यम से विकास योजनाओं को प्रभावी रूप से संचालित किया जा सके।



