Azamgarh News:यूपी बोर्ड की बड़ी कार्रवाई: आजमगढ़ के 16 विद्यालयों समेत प्रदेश के 465 स्कूलों की मान्यता समाप्त

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
यूपी बोर्ड की बड़ी कार्रवाई: आजमगढ़ के 16 विद्यालयों समेत प्रदेश के 465 स्कूलों की मान्यता समाप्त
प्रयागराज/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 465 गैर-सरकारी माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता स्थायी रूप से समाप्त कर दी है। इनमें आजमगढ़ जिले के 16 विद्यालय भी शामिल हैं। बोर्ड की इस कार्रवाई से शिक्षा जगत में हलचल मच गई है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के तहत यह कार्रवाई की गई है। अधिनियम के नियम 11(डी) के अनुसार यदि किसी मान्यता प्राप्त हाईस्कूल या इंटरमीडिएट विद्यालय में लगातार दो वर्षों तक कोई छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं होता है अथवा विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं होती हैं, तो उसकी मान्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है।
बोर्ड द्वारा की गई समीक्षा में पाया गया कि संबंधित 465 विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 के दौरान छात्र नामांकन शून्य रहा। इतना ही नहीं, इन विद्यालयों का कोई भी छात्र हाईस्कूल या इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि कई विद्यालय केवल कागजों पर संचालित हो रहे थे, जबकि वास्तविक रूप से वहां शैक्षणिक गतिविधियां नहीं चल रही थीं।
आजमगढ़ जिले के जिन 16 विद्यालयों की मान्यता समाप्त की गई है, उनमें एसपीएचबीआईसी देवपुर हनुमान नगर, गुल्सन बी.आई. कॉलेज चकडेडवानी, राहुल एस.जे.आई.सी. लच्छिरामपुर, ए.एस.ए.एच.एस.एस.बी. खरगपुर, ए.एस.एच.एस.एस. शेखमौली करतालपुर, एस.एस.एच.एस. स्कूल इसरापार रामगढ़, श्री दुर्गा जी चिल्ड्रेन सिटी इंटर कॉलेज रानी की सराय, कृष्णा हाईस्कूल बरदह, चम्पा देवी स्मृति इंटर कॉलेज धुधुरी, एम.ए. सेंट्रल पब्लिक हाईस्कूल जमुडी, उर्मिला उच्च माध्यमिक विद्यालय सिकहुला कोयलसा, ठाकुर विक्रमा सिंह स्मारक इंटर कॉलेज अमनावे मार्टिनगंज, बाबा शिवनाथ सिंह इंटर कॉलेज अनेई तरछा, मां कमला इंटरमीडिएट कॉलेज बरोही फतेहपुर तथा नवनीत इंटरनेशनल स्कूल ऑफ साइंस बघावर समेत अन्य विद्यालय शामिल हैं।
यूपी बोर्ड की इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में सुधार और फर्जी अथवा निष्क्रिय विद्यालयों पर शिकंजा कसने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा हो सके और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके।
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