Palamu News: हूल दिवस जल, जंगल, जमीन, स्वाभिमान व सामाजिक न्याय की रक्षा का संकल्प दिवस है: रमा खलखो
मुख्य संवाददाता पलामू। मेदिनीनगर सदर प्रखंड के चिआंकी स्थित जय सरना समिति के तत्वावधान में हूल दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती रमा खलखो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। विशिष्ट अतिथियों में हृदयानंद मिश्र, सदस्य, हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड, झारखंड सरकार एवं अधिवक्ता, बिट्टू पाठक, पूर्व अध्यक्ष, पलामू जिला कांग्रेस तथा श्याम नारायण सिंह, चेयरमैन, झारखंड प्रदेश कांग्रेस शिक्षा विभाग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में रमा खलखो ने कहा कि हूल दिवस केवल इतिहास का स्मरण नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की रक्षा का संकल्प दिवस है। उन्होंने कहा कि सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो का संघर्ष आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए महिलाओं की शिक्षा, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता पर विशेष बल दिया। साथ ही उन्होंने एसआईआर सहित समसामयिक विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान की रक्षा के प्रति सभी नागरिकों से सजग रहने का आह्वान किया।
हृदयानंद मिश्र ने कहा कि हूल आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रथम जनविद्रोह था, जिसने शोषण और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की नई चेतना जगाई। उन्होंने समाज में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
बिट्टू पाठक ने कहा कि हूल दिवस हमें अपने इतिहास, संस्कृति और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक चेतना और जनसेवा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
श्याम नारायण सिंह ने कहा कि शिक्षा ही समाज में जागरूकता और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने हूल के महानायकों के आदर्शों को शिक्षा एवं संस्कार के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जतरू उरांव ने करते हुए सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का स्वागत किया तथा समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ बनाए रखने का आह्वान किया।
बिनोद पाठक ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सभी आगंतुकों का स्वागत एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
मुखिया बिनको उरांव ने कहा कि हूल दिवस समाज को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का सशक्त अवसर है।
कार्यक्रम के अंत में सुमन तिर्की ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, आयोजकों एवं उपस्थित जनसमुदाय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर शमीम अहमद राईन, राजकुमार सिंह, नवल किशोर पाठक, विद्या सिंह चेरो, राधिका रविदास, बिमला कुमारी, ईश्वरी प्रसाद सिंह, शैलेश चंद्रवंशी, सुरेश पाठक, गिरिजा राम, बलराम उरांव, तन्मय राज पाण्डेय, अजय साहू, गणेश रवि, कुश राम सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक, महिलाएं एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कार्यक्रम में हूल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने तथा सामाजिक समरसता, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।



