अरशद सिद्दीकी की याद में जुटा पूरा समाज, शोकसभा में गूंजे इंसानियत और सेवा के किस्से
अरशद सिद्दीकी को नम आंखों से श्रद्धांजलि, सर्वदलीय शोकसभा में उमड़ा जनसैलाब


विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व विधायक शाह आलम गुड्डू जमाली ने समाजसेवी मरहूम अरशद सिद्दीकी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें इंसानियत, सेवा और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बताया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अरशद सिद्दीकी ने अपना पूरा जीवन गरीबों, जरूरतमंदों और पीड़ितों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।जमाली ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत और कोरोना काल में उनके द्वारा किए गए सेवा कार्य हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अरशद सिद्दीकी का व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत था और उनका निधन केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।उन्होंने कहा कि मरहूम अरशद सिद्दीकी की इंसानियत, सादगी और सेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को समाज की भलाई के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती रहेगी।अंत में विधान परिषद सदस्य पूर्व विधायक शाह आलम गुड्डू जमाली ने दिवंगत आत्मा की मगफिरत की दुआ करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
लखनऊ। समाजसेवी और शिक्षा एवं मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वर्गीय अरशद इलियास सिद्दीकी को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित शोकसभा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, धर्मगुरुओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने एक मंच पर उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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वक्ताओं ने कहा कि अरशद सिद्दीकी केवल एक सफल उद्यमी या समाजसेवी नहीं थे, बल्कि इंसानियत की सेवा को अपना जीवन धर्म मानने वाले ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने हजारों जरूरतमंद लोगों के जीवन में उम्मीद की रोशनी जगाई। उनके निधन से समाज ने एक ऐसे संवेदनशील, कर्मठ और दूरदर्शी व्यक्ति को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
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श्रद्धांजलि सभा में उनके जीवन संघर्ष और सेवा यात्रा का विस्तार से उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने बताया कि आज़मगढ़ जिले के एक साधारण परिवार से निकलकर अरशद सिद्दीकी ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। व्यापार में सफलता प्राप्त करने के बाद उन्होंने समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और राहत कार्यों को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया।
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उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि वर्ष 1996 में उनके पिता स्वर्गीय इलियास आज़मी के हरदोई के शाहाबाद से सांसद बनने के बाद अरशद सिद्दीकी ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार का बीड़ा उठाया और डिग्री कॉलेज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए देश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों को भी इस अभियान से जोड़ा।
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वक्ताओं ने कहा कि रेड क्रेसेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया के माध्यम से उन्होंने तीन दशकों तक निरंतर मानव सेवा का कार्य किया। गुजरात भूकंप, उत्तराखंड आपदा, इराक युद्ध, रोहिंग्या शरणार्थी संकट तथा अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आपदाओं में राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
कोरोना महामारी के दौरान उनकी सेवाओं को विशेष रूप से याद किया गया। कहा गया कि जब पूरा देश ऑक्सीजन और दवाओं की कमी से जूझ रहा था, तब अरशद सिद्दीकी ने मुंबई, ठाणे, भिवंडी, दिल्ली, आज़मगढ़ सहित अनेक शहरों में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने, राशन वितरण और जरूरतमंदों तक राहत पहुँचाने का व्यापक अभियान चलाया। उनकी पहल से हजारों परिवारों को संकट की घड़ी में नई जिंदगी मिली।
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सभा में वक्ताओं ने कहा कि अरशद सिद्दीकी ने सैकड़ों निर्धन बेटियों के विवाह संपन्न कराए, गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग दिया, निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए, दिव्यांगों को व्हीलचेयर वितरित कीं और मानवता की सेवा को बिना किसी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के आगे बढ़ाया। उनके लिए हर जरूरतमंद केवल एक इंसान था।
वक्ताओं ने कहा कि जीवन में अनेक चुनौतियों और विवादों का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी कटुता का रास्ता नहीं अपनाया। उन्होंने अपने कार्यों और सेवा भाव से ही हर आलोचना का उत्तर दिया। समाज में उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति की रही, जो किसी भी जरूरतमंद की सहायता के लिए हर समय उपलब्ध रहता था।
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सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि 12 जून को उनके आकस्मिक निधन से समाज सेवा की दुनिया में एक ऐसी रिक्तता पैदा हुई है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। उन्होंने अपने पीछे सेवा, सद्भाव और मानवता की ऐसी विरासत छोड़ी है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
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श्रद्धांजलि सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अरविंद सिंह गोप, अब्दुल मन्नान, शकील नदवी, इंसाराम अली, रईस उस्मानी, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा, विधान परिषद सदस्य व पूर्व विधायक शाह आलम गुड्डू जमाली, नफीस अहमद, अखिलेश यादव, संग्राम यादव, आसिफ उर्फ बाबू, पूर्व आईएएस अनीस अंसारी, पूर्व न्यायाधीश नक़वी, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।कार्यक्रम का संचालन समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जमाई ने किया।



