Azamgarh News:आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़: अंतरजनपदीय ठग-चोर गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली; तमंचा और चोरी की बाइक बरामद

आजमगढ़ बलरामपुर/ पटवध से बबलू राय
आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़: अंतरजनपदीय ठग-चोर गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली; तमंचा और चोरी की बाइक बरामद
आजमगढ़, 14 जुलाई। आजमगढ़ पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय ठग एवं वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी भागने का प्रयास करते हुए पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, जिंदा एवं खोखा कारतूस तथा चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से विभिन्न जनपदों में वाहन चोरी, ठगी, धोखाधड़ी और अन्य संगीन अपराधों में सक्रिय थे। घायल आरोपी के विरुद्ध उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी सहित कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं।
अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान में बड़ी सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना कोतवाली पुलिस को यह सफलता मिली। पुलिस का कहना है कि अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी और सूचना मिलने के बाद सुनियोजित तरीके से घेराबंदी कर कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 13 जुलाई की देर रात की गई, जब थाना कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि दो संदिग्ध अपराधी चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर अवैध असलहा लिए शहर की ओर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से आ रहे हैं।
अस्पताल से हुई थी मोटरसाइकिल चोरी
इस कार्रवाई की शुरुआत कुछ दिन पहले दर्ज हुई एक मोटरसाइकिल चोरी की घटना से हुई थी। पुलिस के अनुसार 5 जुलाई 2026 को देवदत्त गोंड निवासी ग्राम आजमपुर, थाना कंधरापुर अपनी सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल संख्या UP50 CE 2374 से मेडिकल परीक्षण कराने के लिए जिला अस्पताल, आजमगढ़ पहुंचे थे।
उन्होंने अस्पताल की इमरजेंसी के सामने स्थित पानी की टंकी के पास अपनी बाइक खड़ी की और अंदर चले गए। लगभग एक घंटे बाद लौटने पर मोटरसाइकिल वहां से गायब मिली। काफी तलाश के बावजूद बाइक का कोई सुराग नहीं मिला।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली में 8 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस लगातार चोरी गई बाइक और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो शातिर अपराधी चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर बाग लखराव पुलिया के रास्ते शहर की ओर आने वाले हैं। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई।
पुलिस ने संभावित मार्ग पर घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन का इंतजार करने लगी। कुछ ही देर बाद मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिये के अनुसार एक मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने रुकने के बजाय भागने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार जब दोनों आरोपियों ने स्वयं को चारों ओर से घिरा पाया तो उन्होंने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग के बावजूद पुलिसकर्मियों ने संयम बनाए रखा और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
जवाबी फायरिंग के दौरान एक आरोपी राजेश यादव के दाहिने पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे कब्जे में लेकर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की और बाद में जिला अस्पताल भेज दिया।
उधर उसका साथी विजय यादव मौके से भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे भी पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई देर रात लगभग 11:40 बजे संपन्न हुई।
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें पहला आरोपी राजेश यादव पुत्र महेंद्र यादव निवासी शंकरपुर, थाना दुल्लहपुर, जनपद गाजीपुर है। उसकी उम्र 24 वर्ष बताई गई है। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी।
दूसरा आरोपी विजय यादव पुत्र हरिराम निवासी केशरवां, थाना दुल्लहपुर, जनपद गाजीपुर है। उसकी उम्र 36 वर्ष है। उसे मौके से भागते समय गिरफ्तार किया गया।
बरामद हुआ तमंचा और चोरी की मोटरसाइकिल
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .315 बोर का देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद मोटरसाइकिल चोरी की बताई जा रही है।
पुलिस अब बरामद वाहन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक किन-किन जनपदों में वाहन चोरी और ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
कई जिलों में फैला है आपराधिक नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि घायल आरोपी राजेश यादव का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके विरुद्ध गाजीपुर, मिर्जापुर, मऊ और आजमगढ़ सहित कई जिलों में वाहन चोरी, धोखाधड़ी, ठगी, जालसाजी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं।
वर्ष 2020 से लेकर 2026 तक उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे हैं। पुलिस के अनुसार वह पेशेवर अपराधी है और अंतरजनपदीय गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है।
उसके विरुद्ध विभिन्न थानों में भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट तथा उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
विजय यादव पर भी दर्ज हुए मुकदमे
गिरफ्तार दूसरे आरोपी विजय यादव के विरुद्ध भी थाना कोतवाली, आजमगढ़ में वर्तमान घटना से संबंधित मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि उससे पूछताछ जारी है और उसके आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
पूछताछ में कई अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान वाहन चोरी और ठगी की कई अन्य घटनाओं का खुलासा हो सकता है। यह भी जांच की जा रही है कि दोनों आरोपी किसी बड़े संगठित गिरोह के सदस्य हैं अथवा स्वतंत्र रूप से अपराध करते थे।
पुलिस उनके मोबाइल फोन, आपराधिक संपर्कों और पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 375/2026 दर्ज किया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 सहित अन्य सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
मुठभेड़ के दौरान घायल हुए राजेश यादव को पुलिस अभिरक्षा में जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां उसका उपचार कराया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि घायल आरोपी की सुरक्षा और उपचार दोनों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। टीम में रोडवेज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी, बलरामपुर चौकी प्रभारी मिथिलेश प्रजापति, उपनिरीक्षक उदयशंकर तिवारी, ब्रह्मस्थान चौकी प्रभारी रामकिशोर शर्मा सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों ने पूरी टीम की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और साहस की सराहना की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। वाहन चोरी, ठगी, लूट और अन्य संगीन अपराधों में शामिल बदमाशों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि किसी भी अपराधी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा तथा संगठित अपराध में शामिल गिरोहों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अस्पताल से चोरी हुई मोटरसाइकिल के मामले की जांच करते हुए पुलिस ने न केवल दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि एक अवैध तमंचा और चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के घायल होने और दूसरे के पकड़े जाने से पुलिस को गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। आरोपियों के विरुद्ध दर्ज मामलों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा। पुलिस मामले की विवेचना आगे बढ़ा रही है और पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित अपराधों एवं गिरोह के सदस्यों की तलाश जारी है।



